छतरपुर। जिले में तेजी से पैर पसार रहे अपराध, अवैध काले कारोबार और सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा है। बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन, सामाजिक संगठनों, जागरूक नागरिकों और जिला अधिवक्ता संघ छतरपुर के पदाधिकारियों ने शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
ज्ञापन में प्रमुखता से उल्लेख किया गया है कि बीते 28 मई 2026 को थाना ओरछा रोड के अंतर्गत सटोरियों के दबाव में आकर व्यापारी राजेश अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से लैपटॉप, मोबाइल और सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें सटोरियों के नेटवर्क के पुख्ता सबूत हैं। संगठनों ने मांग की है कि युवाओं और व्यापारियों को निशाना बना रहे इस एमसीएक्स और आईपीएल सट्टा नेटवर्क को ध्वस्त कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठनों ने छतरपुर की शांत छवि को नुकसान पहुंचा रहे निम्नलिखित अवैध धंधों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है जिनमें मेडिकल स्टोरों पर खुलेआम बिक रही नशीली दवाइयां। शहर में संचालित संदिग्ध देह व्यापार। सूदखोरों द्वारा डायरी बनाकर गरीबों से वसूला जा रहा अवैध ब्याज। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध हथियार बनाने और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया गया है। सिविल लाइन थाने में पत्रकार राकेश रिछारिया पर दर्ज की गई कथित फर्जी एफआईआर को खत्म करने तथा बिजावर के पत्रकार राकेश सिंह राय के साथ शराब दुकान ठेकेदार व उसके गुर्गों द्वारा की गई मारपीट के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आक्रोश जताया गया है। संगठनों ने चेताया है कि बिना जांच के पत्रकारों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।









