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बस और कार की जोरदार भिड़ंत में कार चालक की दर्दनाक मौत, दो घायल सागर बायपास मार्ग पर हुए भीषण हादसे में दूर जा गिरी कार, फैली सनसनी

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टीकमगढ़। शहर सहित आसपास के इलाकों में हादसों का थमना फिलहाल नामुमकिन सा नजर आने लगा है। तेज रफ्तार वाहनों एवं चालकों की लापरवाही का खामियाजा वाहनों में सवार यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। सडक़ों पर होने वाली मौतों का ग्राफ लगातार बढऩे से लोगों की नाराजगी खुलकर सडक़ों पर आने लगी है। यहां सागर बाईपास पर यात्री बस और कार की टक्कर इतनी जोरदार हुई कि कार सडक़ से लगभग पचास फीट दूर खाली पड़े प्लाट में जा गिरी। कार के फिकने और उसमें सवार लोगों की चीख सुनकर यहां आने-जाने वालों का मजमा जुड़ गया। हादसे के बाद लोगों में तरह तरह की चर्चाएं की जाती रही। कार में सवार दो गंभीर रूप से घायलों को कटर की मदद से किसी तरह निकाल कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जा सका। हादसे के संबन्ध में मिली जानकारी के मुताबिक शहर के बस स्टेंड से सागर की ओर जाने वाले बायपास रोड पर मंगलवार को देर रात सागर से टीकमगढ़ की ओर आ रही यात्री बस इससे पहले की वह बस स्टेंड पहुंचती कि कुछ दूरी पर बायपास पर ही सामने से आ रही एक कार से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में कार सडक़ से काफी दूर खाली पड़े प्लाट में जा गिरी। इस हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में ही सवार दो यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। बताया गया है कि बस और कार में इस कदर टक्कर हुई कि कार सडक़ से लगभग पचास फीट दूर जा गिरी। इस हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और वह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के दूसरे दिन भी कार मौके पर ही पड़ी हुई है, उसे उठाया नहीं जा सका हैद्व जबकि बस को मौके से ले जा चुका है। बताया गया है कि सागर से टीकमगढ़ आ रही ओरछा कंपनी की यात्री बस एमपी 36 पी 1121 और एक कत्थई रंग की होंडा आई-10 कार डीएल 3 सीबीवी 2281 के बीच आमने- सामने जोरदार टक्कर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गया।
कटर की मदद से काटा गेट, निकाला चालक
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण चालक को बाहर निकालना मुश्किल था। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और हादसे की छानबीन की। बताया गया है कि कार में सवार तीनों ही लोग यूपी निवासी थे। बताया गया है कि मृतक चालक की पहचान उसकी जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर अजय पिता हरदास निवासी छापछौल उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कार में अजय के साथ हरिश्चंद्र पिता घनश्याम अहिरवार और अरविंद पिता गुमान अहिरवार दोनों निवासी छापछौल उत्तर प्रदेश भी सवार थे। ये दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं और प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों की विशेष निगरानी में हैं। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब जाने के कारण शव को बाहर निकालने में काफी कठिनाई हुई। आखिरकार एक जेसीबी मशीन की मदद ली गई, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर कार में फंसे मृतक के शव को बाहर निकाला जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक लोग घरों से बाहर निकल आए।
हादसों पर जताई चिंता-
सडक़ हादसे के दौरान कार की दुर्दशा पर लोगों ने नजर डाली, तो उनके रौंगटे खड़ हो गए। बताया गया है कि तेज रफ्तार आ रही कार बस की टक्कर से सडक़ से काफी दूर मैदान में जा गिरी। कार की दशा देखकर लोगों में घायलों को लेकर चिंता बनी रही। कहा जा रहा है कि इन दिनों लगातार हो रहे हादसों से प्रशासन पूरी तरह से बेखबर बना हुआ है। यातायात व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। शहर सहित आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों और चालकों की लापरवाही की अनदेखी ने हादसों को बढ़ाने का काम किया है। हादसे के बाद बस सडक़ किनारे रुक गई, जबकि कार अनियंत्रित होकर सडक़ छोड़ते हुए काफी दूर मैदान में जा गिरी। कहा जा रहा है कि लंबी यात्रा की बसों पर चालकों की संख्या बढ़ाए जाने पर लंबे समय से जोर दिया जाता रहा है। यहां से इंदौर एवं भोपाल सहित अन्य लंबे रूट पर जाने वाली अधिकांश बसों से अब तक हादसे होते रहे हैँ। इन तमाम हादसो के बाद भी बस संचालकों एवं परिवहन विभाग के अलावा प्रशासन की आला अधिकारियों ने किसी प्रकार का सबक नहीं सीखा और सडक़ हादसों को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। नगर की कोतवाली से चार कदम की दूरी पर नजरबाग मंदिर के पास बने अघोषित पार्किंग स्थली के अलावा गंाधी चौराहे की बदहाली किसी से छुपी नहीं है। यहां बढ़ते अतिक्रमण और बढ़ती संकीर्णता के कारण ही गांधी चौराहे से मिश्रा तिराहे तक की यात्रा लोग भगवान भरोसे ही करते हैं। इसी प्रकार पुराने बस स्टेंड की समस्याएं भी किसी से छुपी नहीं हैं। सार्वजनिक स्थान पर बने मदिरालय के कारण यहां आए दिन होने वाले विवादों तथा दर्शनार्थियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता रहा है। लोगों ने प्रशासन से बढ़ते हादसों पर काबू पाने के लिए तेजी से प्रयास किए जाने पर जोर दिया है।

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