Home डेली न्यूज़ प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण: अग्निशामक यंत्र और सुरक्षा गाइडलाइनों पर सख्ती

प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण: अग्निशामक यंत्र और सुरक्षा गाइडलाइनों पर सख्ती

27
0
Jeevan Ayurveda

बक्सवाहा। जिला परियोजना अधिकारी अरुण शंकर पांडे ने बक्सवाहा क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन को मध्य प्रदेश सरकार की सभी गाइडलाइनों का पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा के भीतर गाइडलाइनों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना अधिकारी ने अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और उनकी नियमित जांच पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल में अग्निशामक यंत्र लगाना और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। आग से बचाव के लिए निकास मार्ग और आपातकालीन योजना का प्रदर्शन भी आवश्यक है।जिला परियोजना अधिकारी अरुण शंकर पांडे ने कहा, बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूलों में अग्निशामक यंत्रों, सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरक्षा उपायों का होना आवश्यक है। जो भी स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने आगे कहा कि, अग्नि सुरक्षा जैसे मामलों में लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। सभी स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि अग्निशामक यंत्र समय-समय पर जांचे जाएं और स्टाफ को इनका सही उपयोग करना आए।निरीक्षण में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा उपायों और अकादमिक मानकों का विशेष रूप से जायजा लिया गया। जिला परियोजना अधिकारी ने प्रबंधन को निर्देश दिए कि शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे बुनियादी मानकों का पालन प्राथमिकता से करें।उन्होंने कहा कि सभी प्राइवेट स्कूलों को सुधार के लिए निर्धारित समय सीमा दी जाएगी। समय पर सुधार नहीं होने की स्थिति में मान्यता रद्द करने, जुर्माना लगाने और अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया, व्यायाम शिक्षक देवी सिंह राजपूत और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने स्कूलों में सुरक्षा, शिक्षा गुणवत्ता और शासन की गाइडलाइनों पर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि हर स्कूल में अग्निशामक यंत्र, सुरक्षा उपाय और शासन की सभी गाइडलाइनों का पालन हो, ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल मिल सके।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here