छतरपुर। केन बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत बनाए जा रहे ढोडऩ बांध स्थल पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिला प्रशासन छतरपुर के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया के नेतृत्व में बैठकर सारगर्भित चर्चा की। साथ ही प्रदर्शन से जुड़ी शिकायतों, मांगो और विसंगतियों को बिंदुबार सुना गया और नियमानुसार तथ्यात्मक जिला स्तर पर हर संभव निराकरण की बात कही गई। इस दौरान पन्ना जिले के मझगांय और रूंझ बांध से जुड़े विस्थापितों की अधिक समस्याएं सामने आईं। जिसको पन्ना जिले के उपस्थित अधिकारियों ने सुना और निराकरण के निर्देश दिए। यह सौहार्दपूर्ण चर्चा लगभग 4 से 5 घंटे चली। प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वस्त किया गया कि एक भी पात्र व्यक्ति नहीं छूट पाएगा और अपात्र व्यक्ति किसी भी हाल में हितलाभ लाभ की सूची में नही जुड़ पाएगा।इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि कलेक्टर छतरपुर द्वारा विस्थापित प्रत्येक ग्राम के लिए अलग जांच टीम का गठन किया गया। जिसमें बिजावर अनुभाग से पृथक विभिन्न अलग अलग संयुक्त रूप से सब डिविजन के एसडीएम, तहसीलदार एवं पटवारी और अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। ताकि सभी बिंदुओं का समय सीमा में निष्पक्ष निराकरण हो सके। जिसमें सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी की परिसंपत्ति एवं कोई पात्र व्यक्ति लाभ से छूटा न हो।सौहार्द पूर्ण हुई चर्चा के दौरान डिप्टी कलेक्टर जी.एस. पटेल, एसडीएम बिजावर विजय द्विवेदी, पन्ना और अजयगढ़ के एसडीएम, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर अपने प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित रहे।प्रदर्शन कर रहे लोगों की कुछ मांगे शासन स्तर की थी जिस पर अधिकारियों ने केन बेतवा लिंक परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियो से बैठक कराकर बिंदुओं को प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया। साथ ही मांग अनुरूप कमिश्नर सागर के साथ छतरपुर एवं पन्ना के विस्थापितों की बैठक कराने के संबंध में आश्वासन दिया गया।










