
छतरपुर। शराब पीने वालों के लिए आहत करने वाली खबर है। क्योंकि जो दाम सरकार द्वारा विभिन्न कंपनियों के निर्धारित किए गए हैं दुकान संचालक उन कंपनियों के ब्राण्ड को महंगे दाम पर बेच रहे हैं। शराब दुकानों से महंगे दाम पर शराब बेचे जाने के पीछे विभागीय सहमति को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वास्तविकता क्या है यह तो विभाग के लोग ही बता सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि शराब दुकानों से विभिन्न ब्राण्डों को न्यूनतम खुदरा मूल्य से अधिक दाम में बेचा जा रहा है। बताया जाता है कि प्रत्येक ब्राण्ड को 20 से 40 रूपए अतिरिक्त मूल्य के साथ शराब विक्रेता बेचने में लगे हैं। शराब पीने वाले कैमरे में दुकानों की मनमानी बताना नहीं चाहते लेकिन दबी जुबान से यह कह रहे हैं कि उनसे निर्धारित दाम से अधिक वसूले जा रहे हैं। चूंकि कैमरे पर आकर शराब पीने वाले सार्वजनिक होने से बचते हंै मगर उनका कहना है कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। शराब का सेवन करने वालों का यह भी आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही शराब विक्रेताओं की मनमानी चल रही है। दुकान के बाहर न तो किसी भी प्रकार की रेट सूची चस्पा की गई है और न ही अन्य किसी माध्यमों से अधिक दाम पर शराब बेचे जाने के कारणों का उल्लेख किया गया है।








