सुबह 9 बजे की घटना के बाद करीब 5 घंटे तक जब आरोपियों पर नौगांव थाना में एफआईआर नहीं हुई तो परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। दरअसल परिजन तीनों आरोपियों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते थे, जबकि पुलिस केवल एक आरोपी पर मामला दर्ज करने की बात कर रही थी जिससे परिजन आक्रोशित हो उठे। कुम्हार टोली के ग्रामीणों का दल क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह से मामले में हस्ताक्षेप करने और तीनों आरोपियों पर मामला दर्ज कराने की मांग को लेकर अलीपुर भी पहुंचा। वहीं परिजन नगर के तहसील चौराहा पर चक्काजाम कर हंगामा करते रहे। हालांकि दोपहर के वक्त नौगांव पुलिस ने तीनों आरोपी प्रवीण पटैरिया, नवीन पटैरिया और रामसेवक अरजरिया के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 109(1), 296, 3(5), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(वी), 3(2)(वीए) और आयुध अधिनियम, 1959 (संशोधन 2019) की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन मामला दर्ज करने में पुलिस द्वारा की गई देरी तथा आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन करीब 3 घंटे तक चक्काजाम किए रहे। शाम करीब साढ़े 4 बजे पूर्व विधायक आरडी प्रजापति भी नौगांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें शांत कराया। आरडी प्रजापति ने पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने में की गई देरी की जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिया तब जाकर हालात सामान्य हुए।









