
श्री कृष्ण के दर्शनों के लिए पृथ्वी पर देवता भी मनुष्य रूप धारण कर आते हैं
महाराजपुर। नगर के सरस्वती शिशु मंदिर गढ़ीमलहरा में चल रहे भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पांचवें दिन वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक पंडित अभिषेक शास्त्री महाराज के द्वारा श्री कृष्ण जन्म के उपरांत बाल लीलाओं का बड़ा ही मनोहर चित्रण भक्तों के बीच कथा के माध्यम से बताया गया महाराज बताते हैं कि श्री कृष्ण ने बाल रूप में बहुत सी लीलाएं की। इसी में एक प्रसंग है कि जब श्री कृष्णा अपनी टोली के साथ एक बार वार्तालाप कर रहे थे और अपने सखा मनसुखा से बोले की तुम दिन प्रतिदिन दुबल क्यों होते जा रहे हो तभी बताया कि हम लोग गाये तो चराते हैं लेकिन यह सारा माखन और दही राजा कंस के यहां हमारे माँ बाबा भेज देते हैं इसीलिए श्री कृष्ण ने टोली बनाकर माखन घरों मैं घुसकर अपने मित्रों को और स्वयं माखन खाने लगे इसी पर श्री कृष्ण भगवान का एक नाम माखन चोर भी पड़ा और नंद बाबा के घर अद्भुत बालक ने जन्म लिया है। इसकी चर्चा आसपास सभी जगह थी जिससे भयभीत होकर कंस ने अपनी सबसे बलशाली राक्षसी पूतना को वेश बदलकर नंदगांव भेजा जहां पर उसने श्री कृष्ण भगवान को अपना दूध पिलाने के बहाने जहर देने का प्रयास किया और भगवान कृष्ण की लीला के कारण उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। भगवान हरि विष्णु जब-जब पृथ्वी पर अवतार लेते हैं तो सभी देवी देवता उनके मानव रूप में दर्शन करने के लिए आते हैं। इसी क्रम में एक दिन कैलाशपति महादेव नंदगांव पहुंचते हैं और नंद बाबा के द्वार पर जाकर एक योगी का भेष बनाकर पुकारते हैं कि ओरी मैया दर्शन तनिक दर्शन करा दे अपने लल्ला के तभी भयभीत होकर मां यशोदा योगी से कहने लगती हैं कि कुछ भी ले लो लेकिन अपने लल्ला के दर्शन ना करवाऊंगी तभी अचानक लल्ला रोने लगता है और उसको नजर ना लग गई हो ऐसा कहकर यशोदा की सखी नजर झाडऩे के बहाने भगवान शिव को श्री कृष्णा के दर्शन होते हैं।








