छतरपुर। जैसा की ज्ञात है देश की अदालतों में अत्यधिक मामलें लंबित है और उन्हें कम करने के आशय से न्याय प्रणाली में वैकल्पिक विवाद समाधान को अधिक सशक्त बनाया जा रहा है, मीडिएशन उनमे से एक माध्यम है। यह मीडियेशन प्रशिक्षण अधिवक्ताओं को 9 नवंबर 2025 तक दिया जाएगा जो 5 दिवसों का होगा। इसी तारतम्य में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर द्वारा अधिवक्ताओं का प्रशिक्षण करवाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सीनियर ट्रेनर शाहिद मोहम्मद एवं सीनियर ट्रेनर नीना खरे द्वारा एमसीपीसी के माध्यम से प्रदान कराई जा रही है। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश रविन्दर सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उक्त प्रशिक्षण में छतरपुर, टीकमगढ़ व पन्ना जिले के अधिवक्तागण प्राप्त करेंगे। उद्घाटन सत्र में प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि विवाद का अंत तभी सार्थक है जब दोनों पक्षों को समाधान में न्याय और सम्मान का अनुभव हो। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश उपेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश राजेश देवलिया, जिला न्यायाधीश कविता वर्मा, आशीष श्रीवास्तव, हिमांशु शर्मा , निवेश जैसवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति निवेश जैसवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट रानू बघेल, अरविन्द गुर्जर, राहुल जैन, सचिव विष्णु सोलंकी, जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ. वीरेंद्र चढ़ार उपस्थित रहे।










