खजुराहो पहुंचे सीजेआई पर जूता उछालने वाले वकील राकेश किशोरजवारी मंदिर में खंडित विष्णु मूर्ति पुनस्र्थापना की मांग कीखजुराहो बचाओ अभियान पर हुई सार्थक चर्चानोट: इस समाचार के साथ फोटो 03 लगाएं।खजुराहो। विश्वप्रसिद्ध नगरी खजुराहो में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट राकेश किशोर ने प्राचीन श्री मतँगेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर भगवान महादेव के दर्शन एवं अभिषेक पूजन किया। भगवान शिव की आराधना के पश्चात उन्होंने श्री मतँगेश्वर सेवा समिति, दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर एवं खजुराहो डेवलपमेंट एसोसिएशन के पंडित सुधीर शर्मा से भेंट की। इस अवसर पर खजुराहो की सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित रखने के उद्देश्य से चल रहे खजुराहो बचाओ अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।एडवोकेट राकेश किशोर जो हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस गवई पर जूता फेंकने की घटना के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे, इस बार खजुराहो एक अलग ही भावनात्मक और धार्मिक भावना के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विवाद नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और देवालयों की गरिमा की पुनस्र्थापना है। दर्शन के उपरांत वे जवारी मंदिर परिसर पहुंचे, जहां भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति देखकर वे गहराई से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु का सिर उनके धड़ से पुन: जोड़ा जाना चाहिए और उनके समीप एक नई मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की जानी चाहिए, क्योंकि खंडित मूर्तियों की पूजा करना शास्त्र सम्मत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि खजुराहो के समस्त मंदिरों में जहां देवी-देवता विराजमान हैं, वहां दैनिक पूजा और दर्शन पुन: आरंभ कराए जाने के लिए वे आंदोलन चलाएंगे। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मंदिरों में पूजा-अर्चना पर लगाए गए प्रतिबंध पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि जिन मंदिरों को हमारे पूर्वजों ने आराधना के केंद्र के रूप में स्थापित किया था, वे आज केवल प्रदर्शन की वस्तु बनकर रह गए हैं। मंदिरों में प्रदर्शन नहीं, दर्शन होना चाहिए।एडवोकेट राकेश किशोर ने खजुराहो बचाओ अभियान को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि खजुराहो में प्रस्तावित सैनिक एयर बेस का निर्माण किसी अन्य स्थान पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खजुराहो केवल स्थापत्य का नहीं, बल्कि श्रद्धा और अध्यात्म का केंद्र है। यहाँ एयर बेस का निर्माण हमारी सांस्कृतिक विरासत के लिए एक गंभीर खतरा होगा, और हम इसका दृढ़ता से विरोध करेंगे।इस अवसर पर वेन्दावन धाम से पधारें पीठाधीश्वर कौशल किशोर ठाकुर, अखिल भारती सनातन हेल्प लाइन के विकास भाई, एडवोकेट एसोसिएशन (राजनगर) के अध्यक्ष आर. के. उपाध्याय, चार्ली राजा, विश्व हिंदू परिषद के राजकुमार गंगेल, परशुराम राम रैकवार, पथ प्रदर्शक एसोसिएशन के परशुराम तिवारी सहित अयोध्या, मथुरा और काशी से पधारे अनेक संत-महात्माओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस अभियान को समर्थन दिया।










