
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्विद्यालय,छतरपुर के वाणिज्य अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र द्वारा पीएम ऊषा के अंतर्गत एस.पी.एस.एस. एवं डेटा एनालिसिस (सामाजिक विज्ञान हेतु सांख्यिकी एवं आंकड़ों का प्रयोग विश्लेषण) विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ प्रो संजीव बक्शी विभागाध्यक्ष,सांख्यिकी विभाग,इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय,अमरकंटक के मुख्य आतिथ्य में एक गरिमामयी कार्यक्रम में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो ममता बाजपेई ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल तथा पीएम ऊषा प्रभारी डा केबी अहिरवार रहे।कार्यशाला की कोआर्डिनेटर एवं विभागाध्यक्ष डॉ प्रभा अग्रवाल मंचसीन रहीं।मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता डॉ.संजीव बख्शी अमरकंटक ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि डेटा विश्लेषण आज के युग में नई तकनीकों के कारण बहुत आसान हो गया है। आपने शोध में डाटा के महत्व तथा सांख्यिकीय परिकल्पना निर्माण और परीक्षण पर विस्तृत ज्ञान प्रदान किया।इसके साथ ही परिकल्पना के प्रकारों के साथ-साथ परिकल्पना के परीक्षण के लिए विभिन्न प्रकार के परीक्षणों के बारे में भी जानकारी दी।एसपीएसएस सॉफ्टवेयर की मदद से बख्शी सर ने सभी छात्रों और शोधार्थियों को एसपीएसएस सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है,इसका व्यावहारिक प्रदर्शन दिया। आपने छात्रों को डेटा से भरी स्प्रेडशीट प्रदान की और बताया कि इस डेटा पर कैसे काम करना है। पूर्व में अतिथि विद्वान श्री सुयश सागर बाजपेई ने मुख्य अतिथि डा बक्शी का परिचय प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र में डॉ संजीव बक्शी ने बेसिक कॉन्सेप्ट ऑफ हाइपोथेसिस टेस्टिंग पर बेहद उपयोगी व्याख्यान दिया। अगले सत्र में प्रैक्टिकल सेशन ऑन इंट्रोडक्शन टू एसपीएसएसइस पर डा. बक्शी ने अनेक व्यावहारिक प्रयोग बताए और सिखाए।इस सेशन में शोध छात्रों तथा अन्य विद्यार्थियों ने संजीव सर ने प्रश्नोत्तर भी किए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान बखूबी किया। अंत में छात्रा रजनी प्यासी ने सभी का आभार माना। इस अवसर पर वाणिज्य के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ बीके अग्रवाल, डॉ ओपी अरजरिया, डॉ सुमति प्रकाश जैन, डॉ नीतेश मिश्रा, अतिथि विद्वान रूपाली पंसारी, अविनाश साहनी, सुरुचि असाटी, आशीष दीक्षित, गोसिया खान, आशीष रैकवार, श्रीमती नीता अग्रवाल, श्रीमती वर्षा राजपूत, धीरेन्द्र भारती, प्रभा परमार, धर्मेंद्र मिश्रा आदि सहित सभी शोधार्थी, वाणिज्य तथा कला संकाय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।








