
छतरपुर। बमीठा क्षेत्र में बागेश्वर धाम के समीप स्थित दुरियागंज रेलवे स्टेशन के नाम में रेल्वे द्वारा किया गया बदलाव इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल रेल्वे ने इस स्टेशन के नाम दुरियागंज को बदलकर दरियागंज किया है, जिस पर आसपास के लोगों ने आपत्ति जाहिर की है। उनका कहना है कि स्टेशन का नाम बदलकर बागेश्वर धाम किया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा करने की बजाय रेल्वे ने स्टेशन के नाम को दरियागंज कर दिया है जो कि इस्लामिक नाम है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का तर्क यह है कि इस स्टेशन का असली नाम दरियागंज ही है, स्टेशन के बोर्ड में त्रुटिवश दुरियागंज लिखा था, जिसे सही किया गया है।इस विषय पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्णा शास्त्री की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर वे पहले ही अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि यह स्टेशन बागेश्वर धाम के निकट है और यहां उतरने वाले लगभग 80 फीसदी यात्री बागेश्वर धाम की यात्रा पर ही आते हैं, ऐसे में स्टेशन का नाम बागेश्वर धाम किया जाना उचित था। ऐसा होने से बागेश्वर धाम की ख्याति में बढ़ोत्तरी होती, साथ ही लोगों को धाम पर आने-जाने में सहूलियत मिलती। स्थानीय निवासी पुष्पेन्द्र तिवारी बातते हैं कि दुरियागंज रेलवे स्टेशन को बने हुए पांच साल बीत चुके हैं। शुरुआत से ही यहां दुरियागंज का बोर्ड लगा था, जिसे अब बदलकर दरियागंज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले स्टेशन का नाम हिंदी और अंग्रेजी में लिखा था लेकिन अब इन दोनों भाषाओं के साथ ऊर्दू में भी दरियागंज लिखा गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जिस तरह भोपाल के हबीबगंज रेल्वे स्टेशन का नाम बदलकर कमलापति रेल्वे स्टेशन किया गया है, उसी तरह दुरियागंज स्टेशन का नाम बदलकर बागेश्वर धाम स्टेशन किया जाना चाहिए।









