छतरपुर। झारखंड के जमशेदपुर से लापता हुई 28 वर्षीय ऋचा कुमारी को छतरपुर स्थित निर्वाणा फाउंडेशन के प्रयासों से उसके परिवार से सुरक्षित मिलवाया गया। निर्वाणा फाउंडेशन के संचालक संजय सिंह ने बताया कि यह युवती मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण घर से बिना बताए निकल आई थी और कई दिनों तक लावारिस हालत में भटकती रही।ऋचा कुमारी 6 दिसंबर 2025 को अपने घर से मात्र 50 रुपये लेकर निकली थी और अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ आई थी। मां एवं भाई के निधन के कारण वह कई सालों से गंभीर डिप्रेशन से जूझ रही थी। 11 दिसंबर को दमोह में लावारिस अवस्था में कोतवाली पुलिस को मिली, जहां से उसे वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया गया। वहां पूछताछ के दौरान वह अपने परिवार के बारे में कुछ नहीं बता पाई। सामाजिक न्याय विभाग के आदेश पर 31 दिसंबर को आश्रय के लिए छतरपुर के निर्वाणा फाउंडेशन भेज दिया गया।फाउंडेशन में रहते हुए उसकी देखभाल की गई। शुरुआत में उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह बहुत गुस्सा होती, चिढ़चिढ़ाती रहती थी। धीरे-धीरे सुधार होने पर लगभग 15 जनवरी के आसपास उसने बताया कि मुझे जमशेदपुर ले चलो। 30 जनवरी को उसने जमशेदपुर के सुभाष चौक, पश्चिम मंदिर के पास का पता और एक मोबाइल नंबर लिखा तथा बताया कि उसका परिवार है।संजय सिंह ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क किया और परिवार वालों से बातचीत की। परिवार के सदस्य छतरपुर पहुंचे और ऋचा को घर ले गए। मिलन के दौरान परिवार के लोग भावुक हो उठे। ऋचा के पिता ने कहा, बिटिया मिल गई है, बहुत अच्छा लगा। यहां के सेवाभाव को देखकर आंसू आ गए। वहीं बहन गीता कुमारी ने बताया, बहुत ज्यादा खुश हूं। जब वह घर से निकली थी, तब से पूरा परिवार सदमे में था। हमें उम्मीद ही नहीं थी कि वह वापस मिल सकेगी।










