
जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के प्रदर्शन में सुधार लाने के उद्देश्य से रेजिंग एंड एक्सलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैम्प) योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के ई -दक्ष सेंटर में किया गया। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न उद्योग संघों ने सक्रिय भागीदारी ली। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ज़ीरो डिफेक्ट ज़ीरो इफेक्ट (ज़ेड) योजना, लीन मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धात्मकता योजना (एलएमसीएस), बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), और व्यापार प्राप्य इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यशाला की शुरुआत जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, छतरपुर के महाप्रबंधक एवं सागर जोन के संयुक्त संचालक राज शेखर पांडेय के स्वागत भाषण से हुई। जिसके पश्चात ईवाय कंसल्टेंट आदित्य कुमार शर्मा ने रैम्प योजना के उद्देश्य, मध्य प्रदेश सरकार की भूमिका और इसमें स्थानीय उद्योगों के लिए संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात, ज़ेड (जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट) योजना के विशेषज्ञ अमन बंसल ने इस योजना के लाभों और क्रियान्वयन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि ज़ेड सर्टिफिकेशन प्राप्त करने से उद्योगों की गुणवत्ता और पर्यावरणीय प्रभाव में सुधार होगा। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से ज़ेड सर्टिफाइड बनवाने का आग्रह किया और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की।









