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कलेक्टर के निर्देशन में तहसीलदारों ने खाद उपलब्धता और वितरण का निरीक्षण किया

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जिले में वर्तमान में 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद उपलब्ध

छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में तहसीलदारों ने अपने क्षेत्रों के उर्वरक भण्डार केन्द्र, डबल लॉक एवं सोसायटियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मार्कफेड के रिकॉर्ड अनुसार खाद उपलब्धता की जांच की गई। साथ ही खाद वितरण व्यवस्था को टोकन सिस्टम के माध्यम से सुलभ बनाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कृषकों की छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल आदि सुविधाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए गए। जिले के लवकुशनगर, गौरिहार, गढ़ीमलहरा, छतरपुर, बड़ामलहरा, घुवारा, हरपालपुर, बमीठा सहित अन्य जगह पर तहसीलदारों द्वारा गोदामों में खाद उपलब्धता का निरीक्षण किया गया। पूरे जिले में मंगलवार को वर्तमान उर्वरक उपलब्धता 20 हजार 565 मीट्रिक टन है।कलेक्टर के निर्देशन में जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने उडऩ दस्ते गठित किए गए हैं और मार्कफेड और कृषि विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण कर अवैध खाद मिलने पर कार्यवाहियां की जा रही हैं।कृषि अधिकारी डॉ कबीर कृष्ण वैध ने अपील करते हुए कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। कृषक भाई डीएपी की जगह एनपीके अन्नदाता को प्रयोग कर सकते हैं। जिसमें डीएपी खाद से अधिक पोषक तत्व मौजूद हैं।उर्वरक के निर्धारित मूल्यजिला प्रशासन द्वारा किसान भाईयों से अपील की गई है कि निर्धारित दरों पर ही खाद खरीदें। यूरिया 45 किलो की बोरी 266 रुपए 50 पैसे एवं 50 किलो की डीएपी 1350 रू, पोटास 1500 रू, एनपीके कॉम्प्लेक्स 1470 रू, एनपीएस अन्नदाता (20:20:013) 1250 रूपए, सिंगल सुपर फास्फेट 480 रुपए 75 पैसे, नैनो यूरिया 225 रूपए एवं नैनो डीएपी की निर्धारित दर 600 रूपए।एनपीके और एसएसपी खाद डीएपी का बेहतर विकल्पफसलों में संतुलित पोषण के लिए डीएपी के बजाय एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) ग्रेड्स उर्वरक अधिक उपयुक्त है। मृदा की उर्वरा क्षमता बनाए रखने एवं फसल का समुचित उत्पादन लेने हेतु मृदा परीक्षण के आधार पर की गयी अनुशंसा एवं फसल अवस्था अनुसार उपयुक्त ग्रेड के एनपीके उर्वरक का उपयोग किया जाए।तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिए एसएसपी खाद अधिक लाभदायकएसएसपी एक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक है, जिसमें 16 प्रतिशत फॉस्फोरस एवं 11 प्रतिशत सल्फर की मात्रा पायी जाती है। इसमें उपलब्ध सल्फर के कारण यह उर्वरक तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिये डीएपी उर्वरक की अपेक्षा अधिक लाभदायक होता है। एक बैग डीएपी की कीमत में तीन बैग एसएसपी खरीदे जा सकते हैं। एसएसपी के साथ यूरिया का उपयोग कर फसल बुवाई के समय आवश्यक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं सल्फर पोषक तत्वों की पूर्ति कम लागत में ही आसानी से की जा सकती है।

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