
छतरपुर। शासकीय हाईस्कूल रामपुर के विद्यार्थियों के साथ शांत समय लेकर उन्हें अपनी कल्पनाशीलता में चल रहे विचारों को देखने के लिए कहा गया। उन विचारों से न तो चिपकना है और न ही भागना है। टोल बैरियर की तरह सिर्फ फास्टटैग को रीड कर आगे बढऩा है अन्यथा पीछे विचारों की बहुत भीड़ हो जाएगी जो सबको परेशान करेगी। आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी ने शुक्रवार को विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उन्हें खुद की कल्पनाशीलता में झांकने का अवसर दिया।शांत समय के बाद विद्यार्थियों ने उनके अंदर चल रहे विचारों के प्रवाह को साझा किया। लखनलाल असाटी ने कहा कि जीवन में हमें करना क्या है इस पर ध्यान देने की जरूरत है। जो बहुत लोग कर रहे हैं उसे करना है अथवा जो ठीक है वह करना है। यदि कोई बालक किसी तरह का नशा करके घर आया है तो क्या अभिभावक इसलिए चुप रह सकते हैं कि समाज में बहुत सारे युवा नशा कर रहे हैं। वस्तुत: कौन क्या कर रहा है यह महत्वपूर्ण नहीं है महत्वपूर्ण यह है कि ठीक क्या है।खुद का गुब्बारा बचाने के लिए सभी दूसरों के फोड़ दिएविद्यार्थियों के साथ एक प्रेरक खेल भी कराया गया। सभी विद्यार्थियों को गुब्बारे दिए गए थे और कहा गया कि पांच मिनिट बाद जिसका भी गुब्बारा बचा रहेगा वह विजेता होगा। परंतु विद्यार्थियों ने विजेता बनने के लिए दूसरों के गुब्बारे फोडऩा शुरू कर दिए, परिणामस्वरूप अंत में किसी का भी गुब्बारा साबित नहीं बचा। लखनलाल असाटी ने कहा कि बिना किसी का गुब्बारा फोड़े भी अपना गुब्बारा अंत तक बचा सकते थे और कहा भी नहीं गया था कि दूसरों के गुब्बारे फोडऩा है। उन्होंने कहा कि आप अपने साथ जितना अधिक समय बिताएंगे, जितना अधिक संवाद करेंगे, जीवन में आपका मार्गदर्शन भी बेहतर बना रहेगा। इसलिए अच्छा जीवन जीने के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ खुद के साथ भी संवाद करते रहना है। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राजीवरमन पटैरिया, श्रीपाल अहिरवार, कृष्णकुमार तिवारी, शरद कुमार नामदेव, सुुरेश अहिरवार, ज्योति व्यास, आनंद यादव भी उपस्थित थे।








