
हादसे के बाद ही हरकत में आएगा प्रशासन
नौगांव। हाल ही में जर्जर भवनों के गिरने से हुए हादसों के बाद प्रदेश भर में जर्जर भवनों को गिराने के लिए प्रशासन सजग हो गया था। सरकार ने आनन फानन में आदेश जारी किए कि जर्जर भवनों को गिराकर लोगों को हादसों से बचाया जाए। कई जगह जर्जर भवनों को गिराया भी गया लेकिन नौगांव में अभी भी जर्जर भवनों के लिए सिर्फ नोटिस दिया गया है। आदेश जारी होने के बाद नौगांव नगर पालिका ने सर्वे शुरू कर दिया और अब तक 3 भवनों को चिह्नित किया जा चुका है, इनमें सरकारी भवन से लेकर न्यायालयीन विवादों के भवन भी शामिल हैं। यह भवन वर्षों से जर्जर हालत में है।कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने सभी नगरीय निकायों के साथ ही ग्राम पंचायत को निर्देश जारी किए गए हैं कि क्षतिग्रस्त भवन को चिह्नित करके उन्हें गिराने की कार्रवाई करें। इसके तहत नौगांव नगर पालिका ने 20 वार्डों में सर्वे कराया। अब तक 3 क्षतिग्रस्त भवन सामने आ चुके हैं। हालांकि सभी भवनों की जानकारी नपा के पास नहीं आई है।तीन भवनों को जारी हुए नोटिस, दोबारा सर्वे का इंतजारनगर पालिका कर्मचारियों ने रामा एंड कंपनी चौराहा के सामने स्थित ओमर भवन, अवस्थी बंगला एवं वार्ड नंबर 08 में बने मोहम्मद खालिद के भवन के जीर्णशीर्ण होने की स्थिति के चलते नोटिस जारी किए हैं। टीम ने कुछ के हाथों में भी नोटिस दिए । जर्जर भवनों पर नगर पालिका काम जारी है। नगर पालिका ने जर्जर भवनों का सर्वे नहीं कराया। अभी प्राथमिक तौर पर जो भवन सामने आए हैं, या जर्जर स्थिति में दिखाई दिए तो उन्हें नोटिस जारी किए हैं या यूं कहें तो नगर पालिका ने यह नोटिस पूर्व रिकार्ड के आधार पर जारी किए हैं। ऐसे में वर्तमान में इन भवनोंकी संख्या अधिक है।100 साल पुराने जर्जर भवन में रह रहै तीन परिवारशहर के बीच बाजार में ओमर भवन जर्जर और 100 साल पुराना है। इस दो मंजिला भवन के नीचे एक दर्जन से अधिक दुकानदार अपनी अपनी दुकान संचालित किए हुए हैं। भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि भवन कभी भी धराशायी हो सकता है। इसी तरह जर्जर अवस्थी बंगला में ही पिछले कई वर्षों से कुछ परिवार रहकर अपना जीवन गुजर बसर कर रहे हैं।दो दर्जन से अधिक भवन गिराने की स्थिति मेंशहर में दो दर्जन से अधिक निजी एवं सरकारी जर्जर ऐसे भवन हैं, जो नगर पालिका की पहुंच से दूर हैं। वार्ड 01 में, वार्ड नम्बर 16, 17, 18, 19 के क्षेत्र में दर्जनों निजी भवन जर्जर हालत में हैं। सहकारी प्रशिक्षण केंद्र का भवन, पुराना मलेरिया ऑफिस सहित की सरकारी भवन है जो जीर्णशीर्ण हालात में हैं।









