
छतरपुर। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के सभागार में आज यातायात जागरूकता अभियान के अंतर्गत व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के सलाहकार बी.एस. राजपूत, उपकुलसचिव डॉ. मेघना मिश्रा विवेक यादव समाज सेवी, मान सिंह अध्यापक, आनंद कुमार शर्मा एडवोकेट सुरेन्द्र जैन समाज सेवी उपस्थित रहे। डॉ. बी.एस. राजपूत ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये अपने वक्तव्य में कहा यातायात के बनाये गये विभिन्न नियमों का पालन करना चाहिये। इस विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन निश्चित ही विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।ट्रैफिक सूबेदार उग्रवीर सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें यातायात के नियमों का पालन करना है और वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करना अति आवश्यक है जिससे हमें दुर्घटना ग्रस्त होने से अपनी एवं सामने वाले की सुरक्षा कर सकते हैं विगत एक वर्ष के ऑकडों को ध्यान से देखें तो इस एक वर्ष में सड़क पर दोपहिया और चारपहिया वाहन से एक्सीडेन्ट होने की संख्या में वृद्धि हुई है और अधिकांशत: मौते दुर्घटना के कारण ही हुई हैं इसकी प्रमुख वजह यातायात के नियम का पालन न करना, सीट बेल्ट व हेलमेट ना लगाना तथ तेज गति से वाहन चलाना है।मानसिंह ने कहा कि यातायात जीवन सुरक्षा की दृष्टि से एक नियमबद्ध प्रक्रिया है ताकि किसी भी शहर का यातायात सुव्यवस्थित रह सके। इस कारण यातायात नियमों का पालन करके सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना हम सभी का दायित्व है, क्योंकि छोटी सी भी गलती हो जाने से किसी भी प्रकार की दुर्घटना हो सकती है । विवेक यादव ने अपने वक्तव्य में कहा यातायात नियमों का पालन जीवन को सुरक्षित रखने के साथ-साथ यह चोटों और संपत्ति की क्षति को रोकने के बारे में भी है। यातायात दुर्घटनाएँ संपत्ति के नुकसान का प्रमुख कारण हैं। आनंद कुमार शर्मा ने यातायात संकेतों के बारे में बताते हुये कहा कि यातायात संकेत चार अलग-अलग प्रकार के होते हैं: नियामक, चेतावनी, सूचनात्मक और मार्गदर्शक संकेत। नियामक संकेत यातायात संकेत का सबसे सामान्य प्रकार है, और इसका उपयोग ड्राइवरों को सड़क के नियमों के बारे में सूचित करने के लिए किया जाता है। चेतावनी संकेतों का उपयोग ड्राइवरों को संभावित खतरों से आगाह करने के लिए किया जाता है, और ये अक्सर लाल या पीले रंग के होते हैं। सूचनात्मक संकेत ड्राइवरों को उनके परिवेश के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, और अक्सर नीले या हरे रंग के होते हैं। गाइड संकेतों का उपयोग ड्राइवरों को नेविगेट में मदद करने के लिए किया जाता है।इस कार्यक्रम में विश्वविद्यायल के प्राध्यापकगण, कार्यचारीगण एवं ट्रैफिक मर्शल छात्र आशीष अहिरवार, अभिषेक श्रीवास, मनोज अहिरवार, आकाश गौतम, रजनीश पाण्डे, प्रदीप मिश्रा, अखिलेश, राहुल अहिरवार उपस्थित रहे।








