Home डेली न्यूज़
49
0
Jeevan Ayurveda

वन विभाग की कार्रवाई से बिजावर के किसान परेशान

बिजावर। विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बढ़ता विवाद अब गहराता जा रहा है। क्षेत्र के किसानों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए आतंक जैसा माहौल होने की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा उनकी पैतृक कृषि भूमि को जबरन वन भूमि बताकर वहां नाली और खखरी (पत्थरों की दीवार) का निर्माण किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर बड़ी संख्या में व्यथित किसान पिछले दिनों बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू के पास अपनी गुहार लेकर पहुँचे थे।
किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक राजेश शुक्ला ने शासन के नुमाइंदों और विभागीय उच्च अधिकारियों से चर्चा की है। मामले के त्वरित निराकरण और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विधायक ने अब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिजावर को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। विधायक राजेश शुक्ला ‘बबलूÓ ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि वन विभाग द्वारा किसानों की निजी कृषि भूमि को वन सीमा के अंदर शामिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बिना किसी पूर्व सीमा निर्धारण के नाली या खखरी बनाने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है, जिससे भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अत: किसानों के हितों की रक्षा के लिए विधायक ने मांग की है कि किसी भी ग्राम में नाली निर्माण से पूर्व वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सीमा का स्पष्ट निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में निर्देश दिया है कि जब तक वन-राजस्व सीमा का आधिकारिक सीमांकन पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक कृषि योग्य भूमि की सीमा पर होने वाले तमाम निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाए।
किसानों में भारी आक्रोश, अप्रिय घटना की आशंका
बिजावर क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग बिना किसी ठोस दस्तावेज या राजस्व विभाग की सहमति के उनकी पीढिय़ों पुरानी जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। किसानों का कहना है कि यह उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और इस तरह की जबरन कार्यवाही से उनमें भारी आक्रोश है। विधायक द्वारा उठाए गए इस कदम से किसानों को उम्मीद जगी है कि अब राजस्व और वन विभाग के बीच का यह सीमा विवाद पारदर्शी तरीके से सुलझाया जा सकेगा और उनकी पैतृक भूमि सुरक्षित रहेगी।

Ad
Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here