छतरपुर। युवा शिवसेना ने जिले के निजी स्कूलों में हो रही कथित मनमानी, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे युवा शिवसेना के जिला प्रमुख नीतेश तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।मांग पत्र में संगठन ने आरोप लगाया कि कई प्राइवेट स्कूल हर साल किताबें बदल देते हैं, जिससे अभिभावकों को मजबूरन नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। इन किताबों पर स्कूल प्रबंधन को मोटा कमीशन मिलता है। साथ ही, कई स्कूल अभिभावकों को तय की गई दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जहां कोई छूट नहीं दी जाती। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।संगठन ने यह भी बताया कि कुछ स्कूल रिजल्ट घोषित होते ही परिसर में ही किताबें, कॉपियां और अन्य स्टेशनरी बेचना शुरू कर देते हैं। युवा शिवसेना ने इस प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। मांग पत्र में स्कूलों को निर्देश देने की अपील की गई है कि उनकी निर्धारित किताबें बाजार की किसी भी दुकान पर उपलब्ध हों और उन पर कम से कम 10 से 15 प्रतिशत की छूट दी जाए।युवा शिवसेना ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के अंदर इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।इस अवसर पर युवा शिवसेना के जिला प्रमुख नीतेश तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन का कहना है कि यह कदम अभिभावकों की परेशानियों को दूर करने और शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है।









