छतरपुर। जिला जेल में भ्रष्टाचार और कैदियों को अवैध सुविधाएँ देने के मामले में एक बड़ी गाज गिरी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिसमें एक जेल प्रहरी को कैदियों से झाड़ू न लगाने और अन्य सुविधाओं के बदले सुविधा शुल्क लेते देखा गया था, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित महिला प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।दरअसल जिला जेल छतरपुर में बुधवार को भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें जेल प्रहरी पुष्पा अहिरवार को कैदियों से झाड़ू न लगाने के बदले 3 हजार रुपये का सुविधा शुल्क मांगते और अन्य अनैतिक सुविधाएँ प्रदान करते हुए दिखाया गया था। वीडियो के सार्वजनिक होते ही जेल प्रशासन की छवि पर सवाल उठने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सतना सेंट्रल जेल अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया और 24 दिसंबर 2025 की देर रात आदेश जारी कर जेल प्रहरी पुष्पा अहिरवार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें सतना सेंट्रल जेल से संबद्ध (अटैच) किया गया है। जेल सूत्रों के अनुसार, इस मामले की विस्तृत जाँच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वसूली तंत्र में और कौन-कौन शामिल है।










