छतरपुर। जिले में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जहां दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा जगह-जगह सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, यातायात नियमों को लेकर सेमिनार और समझाइश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हादसों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।यातायात विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं वाहन चालकों की लापरवाही के कारण हो रही हैं। कई मामलों में चालक अपोजिट साइड से वाहन चला रहे हैं, तो कहीं ओवर स्पीड के चलते नियंत्रण खो बैठते हैं। इसके अलावा सड़कों पर खुलेआम घूम रहे मवेशी भी हादसों का बड़ा कारण बन रहे हैं।एनएच सागर-कानपुर मार्ग पर स्थित महोबा रोड ब्रिज इन दिनों हादसों का प्रमुख केंद्र बन गया है। बीते एक सप्ताह में यहां 17 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन सभी घटनाओं में मुख्य कारण ओवर स्पीड, गलत साइड से वाहन चलाना और ब्रिज पर यू-टर्न लेना बताया जा रहा है।आंकड़े चिंताजनकअक्टूबर माह: 79 सड़क दुर्घटनाएंनवंबर माह: 94 सड़क दुर्घटनाएंदिसंबर माह: 18 दिनों में 103 सड़क दुर्घटनाएंइस तरह अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के पहले 18 दिनों सहित कुल 80 दिनों में 276 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो जिले की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि महोबा रोड एनएच ब्रिज पर पर्याप्त संकेतक, स्पीड ब्रेकर और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। साथ ही गलत दिशा में वाहन चलाने और ओवर स्पीड करने वालों पर कड़ी कार्रवाई किए बिना हादसों पर लगाम लगाना मुश्किल होगा।










