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नाबालिक को बहला फुसला कर भगा ले जाने एवं दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा

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नाबालिक को बहला फुसला कर भगा ले जाने एवं दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा

नाबालिग को बहला फुसला कर भगा ले जाने एवं दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट श्रीमती कविता वर्मा, छतरपुर के न्यायालय ने आरोपी राजेन्द्र उर्फ छोटू सेन को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 6500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 23.10.2024 को थाना सटई में फरियादी/अभियोक्त्री की मां ने सूचना दी कि वह घर गृहस्थी का काम करती है। उसकी चार लड़कियां है बड़ी लड़की का पीडिता कक्षा 9वीं में पढ़ती है जिसकी उम्र करीब 13 वर्ष 6 माह है। कल दिनांक 22.10.2024 को सुबह करीब 9.00 बजे वह पति के साथ मजदूरी करने गई थी। घर पर चारों लड़कियों को छोड़ गई थी। शाम करीब 7.00 बजे पति के साथ मजदूरी से वापस घर आई तो घर पर बड़ी लड़की नहीं मिली तो उसने आस- पड़ौस में तलाश किया लेकिन वह नहीं मिली तथा रिश्तेदारियों में भी उसका कोई पता नहीं चला है। पास के गांव का आरोपी राजेन्द्र उर्फ छोटू सेन उसके गांव में बाल कटिंग का काम करता था जो लडकी से बातचीत करता रहता था। उसे शक है कि उसकी लडकी को आरोपी बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। फरियादी की उक्त सूचना के आधार पर थाना सटई में गुमशुदगी रिपोर्ट एवं संदेही आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया जाकर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। अनुसंधान के दौरान पीडिता को दिनांक 03.11.2024 को चौकी पडरिया थाना सटई में दस्तयाब किया गया। पीडिता के द्वारा विवेचना के दौरान बताया गया कि आरोपी उसे मेला घुमाने के बहाने ले गया था और उसे छतरपुर, भोपाल और दिल्ली में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया था। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन की ओर से एडीपीओ/ विशेष लोक अभियोजक हेमंत बाजोलिया ने पैरवी करते हुये मामले के सभी सबूत एवं गबाह कोर्ट में पेश किये, विचारण उपरांत विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट श्रीमती कविता वर्मा, छतरपुर के न्यायालय ने आरोपी राजेन्द्र उर्फ छोटू सेन को पॉक्सो एक्ट की धारा 5एल/6 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड एव ंबीएनएस की धारा 65(1) में 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं दो हजार रूपये अर्थदण्ड, धारा 87 में 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड, धारा 137(2) में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 127(4) में 01 वर्ष सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

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