भारत सरकार के कृषि मंत्रालय से रजिस्टर्ड बताए जाने वाले सागा ग्रुप द्वारा संचालित एलजेसीसी सोसायटी के खिलाफ करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कैड़ी गांव निवासी जितेंद्र सिंह सहित कई पीडि़तों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार एलजेसीसी सोसायटी का कार्यालय शहर के मिडसिटी होटल के सामने स्टार टॉवर बिल्डिंग में वर्ष 2016 से संचालित था। इस दौरान सोसायटी ने आईडी, एफडी, एमआईपी, सुकन्या योजना, पेंशन प्लान, सेविंग प्लान, एजुकेशन प्लान और आयुष्मान योजना जैसी कई स्कीमों के जरिए निवेशकों को ऊंचे ब्याज और रिटर्न का लालच देकर करीब 30 से 40 करोड़ रुपए की ठगी की है। बताया गया है कि दो से तीन हजार लोगों ने इस संस्था में निवेश किया था। पीडि़तों ने बताया कि जुलाई 2024 से संस्था द्वारा भुगतान बंद कर दिया गया और नवंबर 2024 में सागा ग्रुप ने अचानक अपना पैनल सिस्टम बंद कर दिया। इसके बाद से ब्रांच हेड मैनेजर हेमंत समेले, अरविंद त्रिपाठी, समूह चेयरमैन समीर अग्रवाल, सवाब हुसैन, आलोक नाथ श्रेयस तरपड़े, संजय मुदृल, राजेश टैगौर, मास्टर ट्रेनर उत्तम सिंह राजपूत, नितिन निरंजन, मनीष देशपांडे और इकबाल अहमद सहित अन्य अधिकारी फरार बताए जा रहे हैं। सभी के मोबाइल नंबर बंद हैं और दफ्तर पर ताला लटका हुआ है। निवेशकों और अभिकर्ताओं ने कहा कि इन लोगों ने सुनहरे सपने दिखाकर मेहनत की कमाई हड़प ली है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि सभी दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि पीडि़तों को न्याय मिल सके।










