कार्यक्रम भले ही देरी से संपन्न हुआ हो, लेकिन पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस की व्यवस्था सराहनीय रही। इसके अलावा विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सुरक्षा के लिए भी पुख्ता इंतजाम रहे। शाम 7 बजे से लेकर कार्यक्रम संपन्न होने तक पूरे मैदान में पुलिस बल की निगरानी रही, जिससे किसी तरह की घटना कार्यक्रम के दौरान नहीं हुई। बैरिकेडिंग, फायर ब्रिगेड मशीनें पूरे समय उपलब्ध रहीं, साथ ही पार्किंग के लिए भी बेहतर इंतजाम रहे।
रावण दहन का स्थान बदलने से हुई परेशानी
दो साल पहले तक रावण दहन का कार्यक्रम बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में होता था, लेकिन वहाँ पर सिंथेटिक रनिंग ट्रैक एवं मल्टीस्पोर्ट अरेना का निर्माण होने से रावण दहन कार्यक्रम प्रतिबंधित कर दिया गया। पिछले वर्ष यह आयोजन वैकल्पिक तौर पर शासकीय विद्यालय के खेल मैदान में हुआ था और इस वर्ष मेला मैदान में। रावण दहन का स्थान परिवर्तित होने के कारण पिछले साल के आयोजन में भी अव्यवस्था हुई थी और इस बार भी वैसा ही आलम रहा, जो रावण दहन देखने आए लोगों के लिए परेशानी का कारण बना।









