हरपालपुर। झांसी-मानिकपुर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना को गति देने के लिए कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में नौगांव सर्किट हाउस में रेलवे अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में चपरन गांव में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने और मकान मालिकों के मुआवजे के मुद्दे पर चर्चा हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार झांसी-मानिकपुर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के तहत चपरन गांव में 35 मकान मालिकों की जमीन अधिग्रहण की जानी है। 9 अप्रैल 2025 को पारित अवार्ड के तहत आपसी सहमति से क्रय नीति के आधार पर 10 मकान मालिकों के रजिस्टर्ड विक्रय पत्र रेलवे विभाग द्वारा तैयार कराए जा चुके हैं। शेष 25 मकान मालिकों के विक्रय पत्र तैयार करने के लिए रेलवे अधिकारियों ने जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल से प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। रेलवे प्रशासन ने एक सप्ताह में शेष विक्रय पत्र तैयार करने की सहमति दी। कलेक्टर ने नौगांव एसडीएम को जमीन खाली कराने और हस्तांतरण की प्रक्रिया के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। गौरतलब है कि रेल प्रशासन ने 27 जुलाई को 35 मकान मालिकों को नोटिस जारी कर तीन दिन में मकान खाली करने को कहा था। इससे परेशान चपरन गांव के प्रभावितों ने जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि 35 में से केवल 10 मकान मालिकों को मुआवजा राशि दी गई, जबकि शेष 25 को कोई भुगतान नहीं हुआ। बिना मुआवजे के वे अपनी जमीन और मकान खाली करने को तैयार नहीं हैं। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए यह बैठक आयोजित की गई, ताकि परियोजना में तेजी लाई जा सके और प्रभावितों को उचित मुआवजा सुनिश्चित हो। बैठक में एसडीएम जी.एस. पटेल, उत्तर मध्य रेलवे झांसी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।










