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युवा अपनी शक्ति को पहचानें और आत्मनिर्माण पर दें ध्यान: प्रो. ममता बाजपेयी

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छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर की समाजशास्त्र अध्ययन शाला एवं शोध केंद्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी के मार्गदर्शन, कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल के संरक्षण एवं समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष और वरिष्ठतम आचार्य प्रो. ममता वाजपेयी के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा तृषा शिवहरे ने अपने प्रभावशाली भाषण में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की नसों में प्रवाहित ऊर्जा हैं। हमें पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक सोच के संतुलन को अपनाना चाहिए। लक्ष्मी द्विवेदी (बीए तृतीय) ने भी राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। अन्य प्रतिभागियों जैसे यश अग्रवाल और काजल साहू ने युवाओं को मार्गदर्शक बनने की प्रेरणा दी और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. ममता बाजपेयी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, हमें सदैव अपना दृष्टिकोण व्यापक और सोच सकारात्मक रखनी चाहिए। सही कार्य करने से कभी न डरें। युवा यदि अपनी शक्ति और महत्व को पहचान लें, तो वे अपने जीवन को स्वयं गढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों को आत्मविकास का मंच मिलता है और वे अपने विचारों को समाज के समक्ष रखने का अवसर प्राप्त करते हैं। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री राकेश कुडेरिया द्वारा किया गया। आयोजन में विभाग के समस्त विषय विशेषज्ञ डॉ अनूप दीक्षित , डॉ श्वेता सेवते,डॉ नीना चौरसिया, श्री सुयश सागर, कु वंशिता जैन और डॉ सोमवती अनुरागी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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