थाना कोतवाली परिसर में बीट और माइक्रोबीट प्रभारियों की बैठक शनिवार को आयोजित की गई, जिसमें नए प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में क्षेत्र की जानकारी संकलित करने, अपराध नियंत्रण, और जनसंपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, जिले में प्रभावी पुलिसिंग और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए थाना कोतवाली क्षेत्र को बीट और माइक्रोबीट में विभाजित किया गया है। शनिवार को थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह दांगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हाल ही में स्थानांतरित होकर आए नए बीट प्रभारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान बीट, माइक्रोबीट पुस्तिका में संकलित जानकारी की समीक्षा की गई और क्षेत्र की पूर्व व वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। थाना प्रभारी ने सभी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करने, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करने, जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों की गतिविधियों पर नजर रखने, गुंडों और सूचीबद्ध अपराधियों की सतत निगरानी करने, क्षेत्र के भौगोलिक विवरण, प्रमुख जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, और प्रभावशाली व्यक्तियों की जानकारी संकलित करने, साथ ही विवादग्रस्त क्षेत्रों, अपराधिक ठिकानों, मेलों-त्योहारों, घुमक्कड़ लोगों की गतिविधियों और पुराने विवादों की जानकारी नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य थाना स्तर पर जनसंपर्क को सशक्त बनाना और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, जिससे पुलिस का क्षेत्र पर नियंत्रण और सूचना तंत्र मजबूत होगा।









