टीकमगढ़। अवैध कारोबारों के मामले में इन दिनों टीकमगढ़ सुर्खियों में बना हुआ है। यहां से राजधानी तक फर्जी कॉल सेंटर का मामला चर्चाओं में बना हुआ है। इस घटना के तार टीकमगढ़ से क्या जुड़े, प्रशासनिक अमला भी हरकतों में आ गया है। लाखों की संपत्ति बनाने वाले कई चेहरों पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है। आज यहां एसडीएम टीकमगढ़ से सहित खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी सहित अमले ने इसी मामले से जुड़े आरोपी मुईन के क्रेशर पर छापा मार कर तीन डंफरों को जप्त किया। राजधानी के फर्जी कॉल सेंटर मामले से जोडक़र देखे जा रहे अन्य कारोबारों को खंगालने की मुहिम चालू होती नजर आने लगी है। कहा जा रहा है कि लीज खत्म होने के बाद भी चल रहे काम की शिकायत पर यहां यह प्रशासनिक अमला पहुंचा और मौके से 3 डंपर जब्त किए। इस संबन्ध में खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी ने बताया कि प्रकरण तैयार कर कलेक्टर को भेजा जाएगा, जहां से इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व अमले ने दी दविश-
एक ओर जहां भोपाल में फर्जी कॉल सेंटर के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई सामने आई है। वहीं दूसरी ओर इसी मामले से जुड़े आरोपी मुईन के क्रेसर पर अचानक प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंंचने से सनसनी फैली हुई है। एसडीएम संजय दुबे ने प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचकर शनिवार को आरोपी मुईन खान के क्रेशर पर छापा मारा। यहां बता दें कि आरोपी मुईन फर्जी कॉल सेंटर मामले के मुख्य आरोपी अफजल खान के साले हंै। एसडीएम संजय दुबे ने खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी और राजस्व टीम के साथ सुधा सागर रोड स्थित लक्ष्मी स्टोन क्रेशर की जांच की। जांच में पाया गया कि स्वीकृत क्षेत्र से अधिक में खनन किया जा रहा था। अफ जल की अवैध कमाई को क्रेशर में लगाए जाने के आरोप सुर्खियों में हैं। कहा जा रहा है कि मुईन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कॉल सेंटर के संचालक अफजल की अवैध कमाई को टीकमगढ़ में प्रॉपर्टी और क्रेशर में लगाया है। लक्ष्मी स्टोन क्रेशर की लीज ली थी। लीज समाप्त होने की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। बताया गया है कि छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने यहां गिट्टी का परिवहन करते तीन डंपर जब्त किए गए। खनिज विभाग की टीम अब रिकॉर्ड की जांच कर रही है। टीम यह पता लगा रही है कि क्रेशर की लीज कब तक के लिए स्वीकृत थी। लीज समाप्ति के बाद भी संचालन के लिए जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबन्ध में खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी का कहना है कि डंफर जप्त कर होमगार्ड कार्यालय पर रखवा दिए गए हैं। इसके साथ ही डंफर मालिकों पर मध्य प्रदेश खनिज गौंड़ अधिनियम 1996 की धारा 53(1), (2), (3) के तहत प्रकरण पंजीवद्ध कर प्रतिवेदन शीघ्र ही कलेक्टर के पास प्रस्तुत किया जाएगा।









