
छतरपुर। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के सभागार में यंग थिंकर फोरम के तत्वाधान में पूर्व संक्षिप्त वर्ता (प्री कंन्क्लेव टॉल्क) विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता आशुतोष सिंह, यंग थिंकर फोरम के डायेक्टर एवं विशिष्ट अतिथि कृष्णकांत, जिला कार्य वाहक छतरपुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के उपकुलगुरू डॉ. गिरीश त्रिपाठी ने की।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आशुतोष सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीन एवं समृद्ध संस्कृति व सभ्यता है। जिसे विश्वभर की सभी संस्कृतियों की जननी माना जाता है। कला, साहित्य, संगीत, विज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में भारतीय संस्कृति हमेशा से विशेष रही है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र रहा है। प्राचीन भारत के धर्म, दर्शन, शास्त्र, कला, राजनीति, संस्कृति इत्यादि में भारतीय संस्कृति के स्वरुप को देखा जा सकता है। पारंपरिक भारतीय भोजन, कला, संगीत, खेल, कपड़े और वास्तुकला अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्नता लिये हुये हैं। सोशल मीडिया ने हमारी युवा पीढ़ी को बहुत प्रभावित किया है। हमें अपनी संस्कृति,सभ्यता इतिहास, दर्शन और विधि को तार्किक ढंग से अध्ययन कर उसके ज्ञान को अन्य युवाओं तक पहुंचना है। यह कार्य तभी सम्भव है जब हम पूर्ण नियोजित ढग़ से मौलिक चिंतन करेंगे और भारतीय ज्ञान परम्परा को आत्मसात करेंगे। इसके लिए मानसिक गुलामी, विचारहीनता व विचारशून्यता को छोड़कर पूर्वाग्रह से ग्रस्त न होकर नवाचार करने की आवश्यकता है। यही हमारे यंग थिंकर फोरम का मूल उदेश्य है।इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विधि विभाग के प्राध्यापक श्री माधव शरण पाठक ने एवं आभार पूनम चौरसिया ने व्यक्त किया।









