

टीकमगढ़। पत्रकारिता को कभी भी व्यवसाय नहीं समझा और ताजिंदगी इसे मिशन समझकर संघर्ष करते रहे। जिले की पत्रकारिता को एक नई दिशा दी और जनता की आवाज बनें रहे। श्री पुष्प जी ने जिले को अनेक सौगातें दीं। उन्होंने पत्रकारिता करते हुए कभी भी निजी स्वार्थों को तब्बजों न देकर गरीबों एवं मजबूर लोगों की आवाज को बुलंद किया। बुंदेलखंड को पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाई। यह विचार वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पत्रकार श्री कौशल किशोर भट्ट ने व्यक्त किए।
स्थानीय ओरछ टाइम्स कार्यालय में संपादक स्वर्गीय श्री हरगोविंद त्रिपाठी पुष्प जी की आठवीं पुण्य तिथि मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र अध्वर्यु ने की। उन्होंने दीप प्रज्जवल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रदेश के जानेमाने व्यंगकार रामस्वरूप दीक्षित ने पुष्प जी के व्यक्तत्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूर्व में पत्रकारिता में आने वाली परेशानियों का सामना करते हुए श्री पुष्प जी ने जन समस्याओं को प्राथमिकता से स्थान दिया। उन्होंने हमेशा एक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार को दिशा दिखाने का काम किया। श्री पुष्प एक सादगी पसंद एवं मिलनसार व्यक्ति थे। उनके द्वारा साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिले से अखबार निकालना भी उस समय आसान नहीं था, जिस समय उन्होंने यहां से अखबार निकालने का जोखिम उठाया। इस अवसर पर पत्रकार प्रदीप खरे, नरेन्द्र अडज़रिया, महबूब खान, मुन्ना लाल मिश्रा, मनोज चौबे सहित अनेक वक्ताओं ने श्री पुष्प जी को पत्रकारिता का जनक बताते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने पर जोर दिया। पत्रकारों ने सच्चाई के रास्ते पर चलकर गरीब और असहायों की आवाज बनने पर जोर दिया। इसके साथ ही आज के हालातों पर चिंता जताते हुए पत्रकारिता को एक मिशन के रूप में लेने पर बल दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने अखबार कार्यालय भवन को लेकर आ रही परेशानियों पर भी चिंता जताते हुए श्री पुष्प जी की स्मृतियों को संजोये रखने की भी बात कही। इस अवसर पर सुरेश मिश्रा जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुष्प जी को युवा पत्रकारों का मार्गदर्शक एवं समाजसेवी बताया। कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त वीरेन्द्र त्रिपाठी ने करते हुए सभी पत्रकारों साथियों से इसी प्रकार से अपना सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर रघुवीर सहाय पस्तोर, लाल जी चतुर्वेदी, दुष्यंत द्विवेदी, उदय नागवंशी, संजय खरे, महबूब खान, राजीव रावत, बद्री देवलिया, हरगोविंद विश्वकर्मा, सुबोध पाठक, परशुराम प्रभाकर, राजेन्द्र तिवारी सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।








