
महाराजश्री के इस कार्य को देखकर लोग बेहद गौरवान्वित हो रहे हैं, क्योंकि महाराजश्री सड़क पर ही बैठकर बिछड़ों-पिछड़ों के साथ मिल-बांटकर भोजन कर रहे हैं। रानीपुर के रामकुमार अहिरवार ने जब महाराजश्री के साथ भोजन किया तो उसके आंसू छलकने लगे। उसने कहा कि वह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि महाराजश्री उसके ऐसा स्नेह देंगे। रानीपुर के ही चतुर्भुज कुशवाहा के साथ भी महाराजश्री ने भोजन किया। बुजुर्ग महिलाएं और पुरुषों को घर में रामायण, गीता, शास्त्र की शिक्षा देने का आवाहन किया।
तन की सुध भूलकर, दर्शन को पहुंचा आकाश
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिन्दु एकता पदयात्रा जब मऊरानीपुर ओर बंगरा के मध्य में थी तभी, एक युवक अपने शरीर की परवाह किए बिना घुसकर महाराजश्री के पास पहुंच गया। आकाश श्रीवास नाम के युवक को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया लेकिन उसकी शर्ट तार-तार हो गई। जब महाराजश्री ने उसे देखा तो बड़े स्नेह से उसे बुलाया और गरम लोई देकर उसे सम्मानित किया। आकाश की जिद थी कि वह चाहे जैसे पहुंचे, महाराजश्री के चरणों तक पहुंचना है। बालाजी ने उसकी इस इच्छाशक्ति को पूरा कर दिया।








