
खजुराहो। आचार्य विद्यासागर महाराज के उत्तराधिकारी आचार्य समय सागर महाराज के मुनि संघ द्वारा आयोजित आयुर्वेदिक नवदिवसीय कार्यशाला में देशी-विदेशी पर्यटकों ने आयुर्वेद एवं शाकाहार की महत्वत्ता के बारे में जाना। उपथित विदेशी पर्यटको ने मुनि संघ के समक्ष शाकाहार को अपनाया मुनि निरग्रन्थ सागर महाराज ने बताया कि जैविक पद्धति से उत्पन्न अनाज फलों एवं अनुशासित आहार का ही सेवन करना चाहिए, शाकाहारी भोजन को अपनाना स्वस्थ और खुश रहने का सही तरीका है। सब्जियां न केवल हमारे स्वस्थ जीवन के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। हम अपने स्वास्थ्य को अपने शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन के रूप में सोच सकते हैं, क्योंकि हम अपने जीवन में आयुर्वेद के महत्व को पहचानते हैं। यह मान्यता भी है कि इन तत्वों के असंतुलन से विकार उत्पन्न होंगे और आयुर्वेद के साथ समग्र कल्याण प्राप्त किया जा सकता है। आचार्य श्री ने मतंगेश्वर सेवा समिति खजुराहो एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के पंडित सुधीर शर्मा, इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता और डायमंड व्यापारी मंगलदीन रजक के द्वारा इटली, फ्रांस, बेल्जियम एवं अन्य यूरोपियन देशों में चलाए जा रहे अर्हम ध्यान योग आयुर्वेद एवं शाकाहार अभियान के लिए साधुवाद दिया7









