
बारिश में दलदल बना पहुंच मार्ग, तीन गांव की आबादी है परेशान
छतरपुर। देश को आजाद हुए 78 साल हो गए हैं लेकिन छतरपुर जिले का एक गांव ऐसा है जहां के लोगों को आज भी पक्की सड़क नसीब नहीं हुई है। यहां पक्की सड़क न होने के कारण सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि तीन गांव की आबादी परेशान है क्योंकि इन तीनों गांव के लोगों को इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है और ग्रामीणों को इसी कीचड़ के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है।मामला गौरिहार जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पचबरा के ग्राम जुडग़ुडू का है, जहां का पहुंच मार्ग कच्चा होने के कारण बारिश के दिनों में दलदल बन गया है। जुडग़ुडू गांव में प्राथमिक शाला है जहां पढऩे के लिए करीब 1 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बल्दूपुरा के बच्चे आते हैं। इन बच्चों के अलावा ग्राम बिहारगंज के लोगों का आना-जाना भी इसी मार्ग से होता है, ऐसे में तीनों गांव की आबादी खासी परेशान है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में यदि कोई बीमार हो जाए तो उसे बैलगाड़ी अथवा ट्रैक्टर से ही चंदला-सरवई ले जाना पड़ता है, क्योंकि इस रास्ते पर अन्य कोई वाहन नहीं निकल पाता। अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर चुके हैं लेकिन आज तक उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया है।क्या बोले जिम्मेदार…ग्रामीणों की समस्या को लेकर जब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के छतरपुर कार्यालय में पदस्थत उपयंत्री शकील से बात की गई तो उनका कहना था कि, मैंने मौके पर जाकर ग्रामीणों की दुर्दशा देखी है लेकिन केंद्र सरकार के नियमानुसार आबादी कम होने के कारण हम ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करने में असमर्थ हैं। वहीं गौरिहार ब्लॉक के सीईओ गोविंद सिंह राजावत ने मामले को अनदेखा करते हुए ग्राम प्रधान से बात करने की बात कही। जब राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि, मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। आपने माध्यम से जानकारी मिली है, यदि परेशानी इतनी विकराल है तो निश्चित रूप से सड़क बनवाई जाएगी









