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तूफानों में भी आदर्शों को ना छोडऩा यह भी सबसे बड़ा आदर्श है

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धर्म हमें जीवन में उच्च गुणों की धारणा सीखाता है: ब्रह्माकुमारीज़

छतरपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय किशोर सागर द्वारा महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में भावी भविष्य के पंडित, आचार्य, विद्वान और हमारे आदर्श भारत की संस्कृति और संस्कृत को बचाने वाले बच्चों के लिए रक्षाबंधन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में महर्षि वेद विद्यापीठ के प्रबंधक राजेश कुमार श्रीवास्तव, उप प्रबंधक गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव, प्राचार्य मनमोहन उपाध्याय, ध्यान शिक्षक प्रमोद द्विवेदी, आचार्य टीकाराम शर्मा, जय नारायण शुक्ला सहित 100 बच्चों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वरीय प्रार्थना से हुई तत्पश्चात बीके रीना ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हम जिस आदर्श मार्ग पर चल रहे हैं उस मार्ग पर चलने के लिए झुकना पड़े, सहन करना पड़े, अनेक तूफान भी आएं तो भी अपने आदर्श ना छोडऩा यह भी सबसे बड़ा आदर्श है।बीके कल्पना ने कहा कि शिक्षा वह जो हमें नम्रता सिखाए, शिक्षा वह जो उन्नति के शिखर पर ले जाए, शिक्षा वह जो एक सच्चा इंसान बनाए। हमें जो धर्म कर्म की शिक्षा मिल रही है तो धर्म हमें जीवन में उच्च गुणों की धारणा सीखाता है। जीवन में श्रेष्ठ गुणों की धारणा से ही हमारा धर्म और कर्म श्रेष्ठ बनता है।इस अवसर पर बीके रीना और नम्रता बहन द्वारा बच्चों को अनेक प्रकार की ज्ञानवर्धक एक्टिविटी कराई गईं। कार्यक्रम के अंत में बीके आरती द्वारा सभी बच्चों को राजयोग का अभ्यास कराया गया तत्पश्चात सभी को ईश्वरीय रक्षासूत्र बांधकर मुख मीठा कराया गया।

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