
श्री हनुमान जन्म महोत्सव के अवसर पर बागेश्वर धाम में मानस सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। विभिन्न स्थानों से पधारे विद्वतजनों ने रामचरित मानस के गूढ़ तत्वों को उपस्थित धर्मप्रेमियों तक पहुंचाया। इस सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद, हनुमान गढ़ी के राजू दास महाराज, वृंदावन के नेत्रपाल शास्त्री, दमोह की नीलमणि दीक्षित, नीलम त्रिपाठी, पचोखरा के महंत गुरूप्रसाद, मऊरानीपुर के ब्रजेश त्रिपाठी, अयोध्या के सीताशरण महाराज, पारीक्षा से महंत महावीरदास, झांसी से रामजीवन पस्तोर ने मानस सम्मेलन में हिस्सा लिया। आचार्य रोहित रिछारिया ने बताया कि सभी विद्वानों की ओर से रामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से धर्म और साधना की महिमा का बखान किया गया








