
आचार्यश्री ने प्रवचन में महावीर के बताए रास्ते पर चलने का दिया संदेश
छतरपुर। जैन धर्मावलंबियों के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2623वाँ जन्म कल्याणक महोत्सव रविवार 21 अप्रेल को नगर में विराजमान पूज्य आचार्यश्री विशद सागर जी महाराज, मुनिश्री विशाल सागर जी, मुनिश्री विशुभ सागर जी एवं मुनिश्री विभोर सागर जी के ससंघ सानिध्य में विविध कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज द्वारा नगर में श्रीजी की एक भव्य एवं गरिमापूर्ण शोभायात्रा निकाली गई, जो देखते ही बनती थी।
जैन समाज के डा.सुमति प्रकाश जैन के अनुसार महावीर जन्म कल्याणक पर जैन मंदिरों में सुबह श्रीजी का मंगल अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन पूरी धार्मिक प्रभावना के साथ हुआ। तत्पश्चात श्रीजी की एक भव्य एवं गरिमामयी शोभायात्रा प्रात: साढ़े 7 बजे श्री नेमिनाथ जिनालय से मुनिसंघ के सानिध्य में प्रारंभ हुई। चांदी के भव्य तथा मोहक रथ पर विराजमान श्रीजी के रथ को श्रद्धालुजन बड़े भक्तिभाव से खींचते, भजन गाते तथा जयकारे लगाते चल रहे थे।
श्रीजी की यह शोभायात्रा कोतवाली, महल तिराहा, छत्रसाल चौक से होती हुई मेलाग्राउंड स्थित श्रीअजितनाथ जिनालय पहुंची। मेलाग्राउंड पर स्थित कीर्ति स्तंभ पर अजित गगन जैन लवकुशनगर वाले परिवार की ओर से जिन ध्वजारोहण किया गया। श्री अजितनाथ जिनालय में आचार्यश्री विशद सागर जी ने जनसमूह के बीच दिए प्रवचन में भगवान महावीर के विराट जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके नामों वीर,अतिवीर, महावीर पडऩे के प्रसंग को समझाया।
श्रद्धालुओं द्वारा अजितनाथ भगवान के दर्शन करने के बाद यह शोभायात्रा छत्रसाल चौक से आकाशवाणी तिराहा, बस स्टेंड, चौक बाजार होते हुए श्री नेमिनाथ जिनालय पहुंच कर संपन्न हुई। शोभायात्रा में युवाजन व पुरुष सफेद कुर्ते, पैजामे, रंग विरंगी पगड़ी एवं महिलाएं गुलाबी, पीली, केसरिया साड़ी में सम्मिलित हुई, जो भगवान महावीर के संदेशों का शंखनाद करते, जयकारे लगाते तथा भजन गाते चल रहे थे। महिलाओं, युवतियों तथा युवकों के दल मधुर भजनों एवं वाद्ययंत्रों की धुन पर प्रभु भक्ति में चंवर झलते,थिरकते चल रहे थे। शोभायात्रा में सखी महिला परिषद एवं अन्य महिला समितियों की सदस्यों ने आकर्षक वेशभूषा में भक्तिगीतों पर मोहक डांडिया नृत्य के मध्यम से प्रभु भक्ति की। शोभायात्रा का नगर के जैन परिवारों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी जगह जगह स्वागत किया। इस अवसर पर जिला अस्पताल में मरीजों को फल भेंट कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
दोपहर साढ़े 3 बजे बड़े जैन मंदिर में मुनिसंघ के सानिध्य में श्रीजी का मस्तकाभिषेक धार्मिक विधि विधान से किया गया। इसके बाद आचार्यश्री के मंगल प्रवचनों का लाभ भी श्रद्धालुओं को मिला। प्रवचन में आचार्यश्री ने भगवान महावीर की तपस्या, शिक्षा एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
सायंकाल मंदिरों में श्रीजी की मंगल आरती हुई। अतिशय क्षेत्र डेरा पहाड़ी जैन मन्दिर परिसर में भगवान की आरती, पालन झूलन के बाद पाठशाला के बच्चों की मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। महावीर जयंती के सभी कार्यक्रमों में व्यापारी बंधुओं ने अपना व्यवसाय बंद रख कर सहभागिता की।
जैन समाज के अध्यक्ष अरुण जैन अन्नू, उपाध्यक्ष रीतेश जैन अजय फट्टा, महामंत्री स्वदेश जैन, कोषाध्यक्ष जितेंद्र जैन सटई वाले, सहमंत्री अजित जैन सहित समस्त कार्यकारिणी ने नगरवासियों को भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक की हार्दिक बधाइयां दी है।








