
विद्यार्थियों ने कक्षाओं को बनाया मनोरंजन का अड्डा
छतरपुर। इन दिनों में सोशल मीडिया पर रील्स (शॉर्ट वीडियो) बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। तकरीबन हर युवा रील्स बनाकर ख्याति हासिल करने का प्रयास कर रहा है। इसी होड़ के बीच युवाओं द्वारा शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा को भी नजरंदाज किया जा रहा है, जिसका उदाहरण पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं ऐसी रील्स हैं जिन्हें शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत युवा विद्यार्थियों द्वारा शिक्षण संस्थानों के कैंपस के अंदर बनाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे यह रील्स (शॉर्ट वीडियो) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस के भीतर कक्षाओं में बनाए गए हैं। रील्स में नृत्य और हास्य-व्यंग्य करने वाले युवा बाकायदा विश्वविद्यालय के गणवेश में हैं, जिससे स्पष्ट हैं कि सोशल मीडिया पर ख्याति पाने के चक्कर में विद्यार्थी शैक्षणिक संस्थान की गरिमा को भी नजरंदाज कर रहे हैं। पिछले दिनों कुछ छात्र संगठनों ने इस आशय की शिकायत भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से की थी लेकिन इस दिशा में कोई एक्शन न लिए जाने के चलते यह क्रम अनवरत जारी है। अभी भी युवा विद्यार्थी विश्वविद्यालय की कक्षाओं में रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। हाल ही में जो वीडियो सामने आए हैं वह विश्वविद्यालय की बीकॉम कक्षा में अध्ययनरत कुछ छात्राओं द्वारा बनाए गए हैं। इससे पहले एनएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा बनाए गए वीडियो और शताब्दी हॉल के सामने स्थिति कक्षा के बोर्ड पर आपत्तिजनक शब्द लिखकर बनाए गए वीडियो चर्चा में रह चुके हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों में अनुशासन बनाए रखने के लिए जो अनुशासन समिति गठित की गई है, वह भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही। यह हालात सिर्फ महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के नहीं हैं, बल्कि शहर के अन्य विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी विद्यार्थियों द्वारा इसी तरह की अनुशासनहीनता की जा रही है








