
छतरपुर। कार्तिक माह भगवान कृष्ण की उपासना का माह है। भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए महिलाएं पूरे कार्तिक मास ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर उनकी पूजा अर्चना करती हैं। पठापुर रोड में स्थित कामेक्षा मंदिर पहुंचकर महिलाओं ने विधिविधान से पूजा अर्चना कर मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना की।जानकारी के मुताबिक ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर महिलाएं कामेक्षा मंदिर पहुंची। इस मंदिर में पिछले 15 वर्षों से हर वर्ष कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं पूजा अर्चना करने आती हैं। महिलाओं ने सुख-समृद्धि की कामना करते हुए माता की पूजा की। ऐसा कहा जाता है कि विधिविधान और पवित्र भाव से कार्तिक स्नान करने से पूर्व जन्मों के पाप खत्म होते हैं। कार्तिक में आंवला और तुलसी के पूजन का विशेष महत्व है। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं उड़द, मूंग, मसूर, चना की दाल से परहेज करती हैं वहीं करेला और बैगन भी निषेध माना गया है।








