Home डेली न्यूज़ शरद पूर्णिमा को आध्यात्मिक गुरुओं की ऊर्जा एवं कलाकारों के हुनर एवं...

शरद पूर्णिमा को आध्यात्मिक गुरुओं की ऊर्जा एवं कलाकारों के हुनर एवं कवि सम्मेलन ने बनाया विशेष उत्सव

19
0
Jeevan Ayurveda

छतरपुर। खजुराहो में दो दिवसीय शरद पूर्णिमा का उत्सव मनाया गया शरद पूर्णिमा का उत्सव इस शताब्दी का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव रहा इस अवसर पर खजुराहो के मतँगेश्वर मंदिर में राष्ट्रीय कलाकार छतरपुर निवासी पंडित दिनेश शर्मा द्वारा शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया गया और मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। आरती के आरती के पश्चात् एक विशेष चमत्कार लोगो को देखने मिला जिसमे शिव जी आकृति माता पार्वती जी में बदल गई एवं चंद्र भगवान की पहली किरण भगवान मतँगेश्वर मंदिर पर पड़ी जिसे देख देशी, विदेशी पर्यटक एवं स्थानीय उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित हो उठे। श्री मतंगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के पंडित सुधीर शर्मा द्वारा रंगोली कलाकार मोहिनी अनुरागी के संयोजन से पुरे मंदिर परिसर को भव्य रंगोली से सजाया गया। एसडीओपी सलिल शर्मा द्वारा सभी कलाकारों के लिए शाकाहारी भोज की व्यवस्था खजुराहो के वुड्स केफे रेस्टोरेंट में की गई।दूसरे दिन जैन समाज द्वारा जैन मंदिर परिसर में आज के दिन अवतरित आचार्य विद्यासागर महाराज एवं उनके उत्तराधिकारी आचार्य समय सागर महाराज का दिवस शांति धारा कर मनाया गया जिसमें प्रतिभा स्थली के बच्चों के द्वारा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। संध्याकालीन समय राष्ट्रीय कवि चंद्र सेन जैन भोपाल के संयोजन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमे बुंदेलखंड के कवि इंद्रजीत दीक्षित विरल, दिलीप जैन, शिल्पी जैन सूर्या, सुरेंद्र जैन पीरा उपस्थित रहे। मतँगेश्वर मंदिर में खीर का प्रसाद वितरण जैन समाज के द्वारा किया गया।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here