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न्यायालय ने दोषमुक्त किया लेकिन नौकरी वापिस नहीं मिली

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दो साल से नौकरी वापिस पाने भटक रहा युवक

छतरपुर। ग्राम देरी का रहने वाला एक युवक पिछले दो वर्षों से अपनी ही नौकरी पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। दरअसल पीडि़त युवक पूर्व में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम में संविदा पर बतौर चौकीदार नियुक्त था लेकिन कुछ लोगों ने उसकी झूठी शिकायत कर दी जिसके चलते उसे 8 वर्षों तक जेल में रहना पड़ा। दो वर्ष पूर्व उसे सभी आरोपों से तो बरी कर दिया गया लेकिन उसकी नौकरी उसे आज तक वापिस नहीं मिली है, जिस कारण से युवक परेशान है।देरी निवासी राजबहादुर पुत्र चतुर यादव ने बताया कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम छतरपुर द्वारा 23 मई 2003 को उसे संविदा भर्ती के तहत चौकीदार के पद पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति के पश्चात कुछ लोगों ने उसके ऊपर गबन के मामले में फर्जी व झूठे तथ्यों के आधार पर फंसा दिया, जिस कारण से उसे लगभग 8 वर्षों तक जेल में रहना पड़ा। उक्त मामले में राजबहादुर को न्यायालय पंचम अपर सत्र न्यायाधीश छतरपुर न्यायालय से 26 दिसंबर 2022 को दोषमुक्त किया जा चुका है, लेकिन उसे उसकी नौकरी वापिस नहीं मिली है। राजबहादुर ने बताया कि वह बेहद गरीब व निर्धन परिवार से है, तथा आय का अन्य कोई जरिया उसके पास नहीं हैं। नौकरी वापिस न मिलने के कारण वह बेहद परेशान है। राजबहादुर के मुताबिक इस संबंध में उसने 23 जनवरी 2022 और 15 मार्च 2023 को उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग भोपाल के रजिस्ट्रार को आवेदन दिए। 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई किंतु कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। राजबहादुर ने वरिष्ठ अधिकारियों से उसकी नौकरी वापिस दिलाने की मांग की है।

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