
रमजान में महिलाएं भी रक्तदान कर बचा रही जान
छतरपुर। नारी शक्ति की सबसे बड़ी उपलब्धि मां के रूप में है जगत जननी के इस स्वरूप में सम्पूर्ण संसार समाहित होता है। आपाज़ी ब्लड ग्रुप के संचालक रफत खान ने बताया कि लवकुशनगर निवासी एक महिला का गर्भपात हो जाने से रक्तस्राव बहुत अधिक हो जाने के कारण ब्लड की अत्यंत कमी हो गई थी। चूंकि महिला का ब्लड ग्रुप रेयर ए नेगेटिव था जो लाखो में एक का होता है। ब्लड न मिलने पर महिला की हालत गंभीर होती जा रही थी। परिजनों व स्टाफ नर्स शायना बानो और मीना सिंह द्वारा यह जानकारी आपाजी ब्लड ग्रुप को दी गई। इस समय रमजान का माह चल रहा है। सुबह से शाम तक प्रयास करते-करते अंतत: तरन्नुम हाशमी जो एक निजी स्कूल में प्राचार्य है दूसरी नारी की पीड़ा को समझते हुए रक्तदान को राजी हो गईं। रात में उन्होंने रोजा खोला और बच्चों को घर पर छोड़कर अपने पति ताहिर हाशमी के साथ अपना प्रथम रक्तदान कर महिला की जान बचाई।
रेयर रक्तदान से बची मासूम की जिंदगी
आपाजी ब्लड ग्रुप के रफत खान ने बताया की लैब टेक्नीशियन पूजा खरे ने सुबह जानकारी दी कि 7 माह का बच्चा बहुत गंभीर अवस्था में हैं जिसे रेयर ओ नेगेटिव की आवश्यकता है। आपाजी ब्लड ग्रुप के रफत खान अपने सदस्य अरवाज खान को लेकर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करवाया।








