
नौकरी वापिस पाने के लिए दर-दर भटक रहा युवक
छतरपुर। किसी झूठे मामले में फंस जाने के बाद एक व्यक्ति की जिंदगी किस तरह तबाह होती है, इसका उदाहरण छतरपुर जिले में सामने आया है। छतरपुर जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम देरी का रहने वाला एक युवक जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम छतरपुर में भृत्य के पद पर पदस्थ था। एक दिन किसी ने उसके विरुद्ध षडयंत्र रचकर उसे झूठे मामले में फंसा दिया जिसके चलते न सिर्फ उसकी नौकरी गई बल्कि उसे जेल भी जाना पड़ा। कई वर्षों तक सजा काटने के बाद न्यायालय ने उसे दोषमुक्त तो कर दिया है लेकिन उसकी नौकरी जा चुकी है, जिसे पाने के लिए अब वह दर-दर भटक रहा है।देरी निवासी राजबहादुर पुत्र चतुर यादव ने बताया कि वर्ष 2003 में वह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम छतरपुर में भृत्य के पद पर संविदा से नियुक्त हुआ था। नियुक्ति के पश्चात् कुछ लोगों ने गबन के एक मामले में फर्जी व झूठे तथ्यों के आधार पर फंसा दिया, जिसके चलते उसे लगभग 8 वर्ष तक जेल में रहना पड़ा। न्यायालय पंचम अपर सत्र न्यायाधीश छतरपुर ने 26 दिसंबर 2022 को उसे उक्त दोष से मुक्त कर दिया था। राजबहादुर ने बताया कि उसके पास आय का अन्य कोई जरिया नहीं हैं, और झूठे आरोपों के चलते उसकी नौकरी गई है, इसलिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम छतरपुर में उसे पुन: संविदा नियुक्ति प्रदान की जाए ताकि वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके। राजबहादुर ने बताया कि इस संबंध में वह जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुका है लेकिन आज तक किसी ने भी उसके मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखाई है। उसके पास आय का कोई स्रोत न होने के कारण परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। राजबहादुर ने एक बार फिर मुख्यमंत्री सहित जिले के अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।









