Home डेली न्यूज़ याचना नहीं अब रण होगा, प्रशासन के खिलाफ किसानों का फूटा आक्रोश

याचना नहीं अब रण होगा, प्रशासन के खिलाफ किसानों का फूटा आक्रोश

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छतरपुर। जय किसान संगठन द्वारा आयोजित किसान महापंचायत में सैकड़ों गांवों से हजारों किसानों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्रि पर्व के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ कार्यक्रम में पहुंचीं। महापंचायत में प्रभावित गांवों के साथ अन्य क्षेत्रों के लोगों ने भी किसानों के समर्थन में आवाज बुलंद की।मंच से सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि अब याचना नहीं, अब रण होगा और इसे किसानों के सम्मान व अस्तित्व की लड़ाई बताया। कार्यक्रम के बाद आक्रोश रैली श्री हरी वाटिका से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।किसानों ने एडिशनल एसपी आदित्य पटेल को प्रधानमंत्री के नाम 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं से हो रहे विस्थापन, मुआवजे में अनियमितता और भू-अधिग्रहण कानून 2013 के उल्लंघन के आरोप लगाए गए। किसानों का कहना है कि बिना मुआवजा दिए फसलें नष्ट की जा रही हैं और मकान गिराए जा रहे हैं।ज्ञापन में उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, जबरन विस्थापन पर रोक और प्रभावित किसानों के उचित पुनर्वास की मांग की गई। महापंचायत के दौरान कई किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए भावुक होकर विरोध दर्ज कराया।

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