छतरपुर। शहर की छत्रसाल कॉलोनी में एक जमीन के टुकड़े को लेकर उपजा विवाद गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुँच गया। पन्ना रोड निवासी मिलन मिश्रा ने दबंगों पर घर की दीवार तोडऩे और बच्चों को डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरे पक्ष ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए मामले को न्यायालय के आदेश से जुड़ा बताया है। दोनों पक्षों ने एसपी ऑफिस में अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई है, जिससे मामला अब पुलिस जांच के घेरे में है।पीडि़त महिला मिलन मिश्रा ने आवेदन में बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में छत्रसाल कॉलोनी क्षेत्र में करीब 2400 वर्गफीट जमीन खरीदी थी, जिसके एक हिस्से पर उनका मकान बना हुआ है। महिला का आरोप है कि 11 मार्च को जब वह घर पर नहीं थी, तब धर्मेंद्र सिंह, के.पी. सिंह और उनके साथ आए करीब 8 लोगों ने कुल्हाड़ी, फरसा और डंडों के साथ घर पर धावा बोल दिया। महिला ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि आरोपियों ने घर में मौजूद नाबालिग बच्चों को कट्टा दिखाकर धमकाया और घर की दीवार तोड़ दी। साथ ही, रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन लाकर जमीन पर अवैध निर्माण की कोशिश भी की गई। विवाद के दौरान सिविल लाइन पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस महिला और उसकी नाबालिग बच्चियों को थाने ले जाती दिख रही है। इस पर दूसरे पक्ष का कहना है कि महिला विवाद कर रही थी, इसलिए पुलिस केवल समझाइश देने के उद्देश्य से उन्हें थाने लेकर गई थी।दूसरी ओर, आरोपी पक्ष के धर्मेंद्र सिंह ने एसपी को कोर्ट के आदेश की प्रति सौंपते हुए अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि इस प्लॉट का मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था और फैसला उनके पक्ष में आया है। उन्होंने महिला द्वारा लगाए गए मारपीट और कट्टा दिखाने के आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दोनों पक्षों की बात सुनी है और मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।










