ईशानगर। छतरपुर जनपद अंतर्गत आने वाले कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। शासन द्वारा भोजन के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पर्याप्त एवं तय मेन्यू अनुसार भोजन नहीं मिल पा रहा है।ताजा मामला ईशानगर संकुल की शासकीय प्राथमिक शालाओं से सामने आया है, जहाँ बच्चों को परोसा जा रहा खाना इतना घटिया है कि वे उसे खाने के बजाय कुत्तों को डाल रहे हैं। यह स्थिति एक-दो दिन की नहीं, बल्कि कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन जांच न होने के कारण सुधार नहीं हो पा रहा है। बताया गया है कि शारदा तेजस्विनी स्व सहायता समूह को पठादा ग्राम पंचायत के 4 स्कूलों और दो आंगनबाड़ी केंद्रों में मध्यान्ह भोजन पहुंचाने का जिम्मा दिया गया है, लेकिन समूह द्वारा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। समूह की लापरवाही से करीब 250 से अधिक बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित स्कूलों में शा. प्रा. शाला पठादा, शा. प्रा. शाला नाथनपुरवा, शा. प्रा. शाला टिकरापुरवा, शा. प्रा. शाला पाथरपठा एवं आंगनवाड़ी केंद्र मजरापठा और पठादा आदि शामिल हैं। बच्चों को परोसा जा रहा खाना बेस्वाद और घटिया क्वालिटी का है, जिसे वे खाने के बजाय कुत्तों को डाल रहे हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच करवाकर यदि कहीं कोई अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आए दिन मध्यान्ह भोजन में लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी जाँच न होने से बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।









