छतरपुर। शहर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के घर पर बैंक ने ताला डाल दिया जबकि लोन किसी और ने लिया था। पीडि़त ने आरोप लगाया है कि सद्दाम हुसैन और उसकी पत्नी रुखसार खातून ने मिलकर उसके नाम पर बैंक से 24,99,000/- का लोन धोखाधड़ी से निकाल लिया है। इस मामले को लेकर पीडि़त ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।आवेदक सुंदरलाल कुशवाहा ने बताया कि सद्दाम हुसैन निवासी वार्ड नं. 26, सबनीगर मुहल्ला छतरपुर और उसकी पत्नी रुखसार खातून ने ‘समद फर्नीचरÓ के नाम से ए.यू. फाइनेंस बैंक छतरपुर में खाता खुलवाया था। दोनों ने अपने बहलावे में लेकर उसे गारंटर बना दिया और उसकी संपत्ति को बंधक कराकर लोन स्वीकृत करा लिया। आवेदक के अनुसार लोन की पूरी राशि 24,99,000/- सीधे समद फर्नीचर के खाते में ट्रांसफर की गई, जबकि उसके नाम को गारंटर के तौर पर जोड़ दिया गया। बाद में जब उसे इसकी जानकारी मिली तो उसने बैंक से पूछताछ की।पीडि़त ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में बैंक अधिकारियों की भी सांठगांठ रही है। उसका कहना है कि बैंक मैनेजर जितेन्द्र सिंह राजपूत और दुर्गेश सेन ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और लोन प्रक्रिया पूरी कराई। बैंक द्वारा जारी सैंक्शन लेटर में ‘समद फर्नीचरÓ की सील और सिग्नेचर स्पष्ट रूप से मौजूद हैं, जिससे यह साबित होता है कि लोन की पूरी रकम समद फर्नीचर के खाते में डाली गई। इसके बावजूद बैंक ने कार्रवाई करते हुए पीडि़त के घर पर ताला डाल दिया है, जिससे वह परेशान है। पीडि़त ने ज्ञापन के माध्यम से एसपी से मांग की है कि सद्दाम हुसैन, रुखसार खातून और बैंक अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके।










