छतरपुर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और दिल्ली में प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर कथित अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर शिक्षकों और छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पन्ना रोड से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और नारेबाजी की।
एक शिक्षण संस्थान के संचालक हरिश्चंद्र प्रजापति ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते रोज शिक्षकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बर्बर व्यवहार किया। एसएससी की उच्च स्तरीय भर्ती परीक्षाओं में ठेका कंपनियों द्वारा सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जा रहे हैं, जैसे डीजे वाले बाबू गाना किस रैपर ने गाया या लंदन ठुमकता गीत की गायिका कौन है। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्र पढ़ाई करें या गाने सुनें? प्रदर्शनकारी शिक्षकों को 10-10 घंटे हिरासत में रखा गया, पीटा गया, और बस में घुमाया गया। महिला शिक्षकों को बाथरूम तक नहीं जाने दिया गया और पुरुष कॉन्स्टेबल द्वारा उनकी गिरफ्तारी की गई, जो संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है। एसएससी छात्रा ज्योति यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, उन्हें बिना जानकारी के हिरासत में रखा गया, और सिलेबस से हटकर फालतू प्रश्न पूछे जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री से निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।









