खजुराहो। दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर फ्रांस-इटली और मतंगेश्वर सेवा समिति खजुराहो ने अप्रवासी भारतीयों को भारत में विशेष सम्मान दिलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। फ्रांस में रहने वाले रहीश भारती को भारतीय ग्रामीण और क्षेत्रीय कला के प्रचार-प्रसार के लिए पद्मश्री पुरस्कार की सिफारिश की गई है।
दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर फ्रांस व इटली और खजुराहो की मतंगेश्वर सेवा समिति के पंडित सुधीर शर्मा ने यूरोप में एक अनूठा अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य विदेशों में भारतीय संस्कृति और कला का परचम लहराने वाले अप्रवासी भारतीयों को भारत में सम्मान दिलाना है। इस अभियान के तहत फ्रांस निवासी रहीश भारती को भारतीय ग्रामीण और क्षेत्रीय कला के प्रचार-प्रसार के लिए पद्मश्री पुरस्कार देने की सिफारिश फ्रांस के भारतीय राजदूत की सहायता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई है। जलपुरुष पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने इस पहल में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। रहीश भारती 25 वर्षों से यूरोप में भारतीय संस्कृति के प्रचारक और सांस्कृतिक सेवक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 119 देशों में 2,500 से अधिक प्रस्तुतियां दी हैं, जिनमें बुंदेलखंड और राजस्थान की संगीतमय और आध्यात्मिक विरासत को भक्ति भजनों, सूफी कव्वालियों और लोक कलाओं के माध्यम से जीवंत किया है। उनकी यह यात्रा राष्ट्रीय भक्ति की भावना से प्रेरित है। इस अभियान में भारत गौरव से सम्मानित इटली के मोहन चौहान, फ्रांस के सुरेंद्र गुप्ता, माधुरी गुप्ता और बेल्जियम के डायमंड व्यापारी मंगलदीन रजक ने भी सहयोग का वादा किया है।










