पिछले करीब दो सप्ताह से जिला मुख्यालय पर जनपद पंचायत कार्यालय के सामने तंबू गाड़कर मौनव्रत और अनशन कर रहे ग्राम बारी के रामलला सरकार मंदिर के पुजारी का मंगलवार को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया। उन्हें तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम बारी के रामलला सरकार मंदिर के पुजारी साधुदास उर्फ वीरेंद्र कुमार पिछले दो सप्ताह से अनशन पर बैठे हुए हैं। उनके सेवादार सेवकदास ने बताया कि छतरपुर एसडीएम और नायब तहसीलदार ने मंदिर को दबंगों के हवाले कर दिया है जिससे मंदिर की पवित्रता और व्यवस्था प्रभावित हुई है। पुजारी साधुदास द्वारा लगातार भोजन न किए जाने के चलते पिछले दो दिन से उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। मंगलवार को वे अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। सेवादार ने बताया कि पुजारी जी की मांगों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से मंदिर की जिम्मेदारी छीनकर पुन: उन्हें दिए जाने, 19 अप्रैल 2025 की स्थिति में मंदिर में उनकी पुनस्र्थापना किए जाने, उनके खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमों को वापिस लिए जाने और एसडीएम अखिल राठौर तथा नायब तहसीलदार इंदू सिंह को निलंबित किया जाना शामिल है।
इनका कहना
मंदिर के कथित पुजारी के गुरुजी द्वारा सिविल कोर्ट में किए गए को दावे को खारिज किया जा चुका है। मैंने जो भी कार्रवाई की है वह सिविल कोर्ट के आदेश पर की है। अपनी अनुचित मांगों को लेकर पुजारी द्वारा अनशन किया जा रहा था, आज उनका स्वास्थ्य बिगडऩे के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अखिल राठौर, एसडीएम, छतरपुर









