बकस्वाहा। तहसील बकस्वाहा क्षेत्र के गांवों और वार्डों में दिनों-दिन बढ़ रही अवैध शराब बिक्री के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने आबकारी ठेकेदार और पुलिस विभाग की मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब तो हालात ऐसे हो गए हैं कि दूध मिलना मुश्किल है, लेकिन शराब हर गली, मोहल्ले और गांव में आसानी से उपलब्ध है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह नशे का जाल बच्चों और युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराध की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। धार्मिक स्थल, स्कूल के आसपास, यहां तक कि छोटे-छोटे गांव भी अब इस अवैध कारोबार से अछूते नहीं हैं।
क्या है मामला
ग्राम पंचायत पडरिया के ग्राम मच्छंद्री में बीते एक वर्ष से खुलेआम अवैध शराब बेचे जाने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शराब दुकान का कोई वैध लाइसेंस नहीं है, इसके बावजूद एक परिवार अवैध रूप से शराब का व्यापार कर रहा है, जिससे सामाजिक माहौल दिन-व-दिन बिगड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन को दिया गया ज्ञापन
ग्रामीणों ने इस मामले में तहसीलदार भरत पांडे और थाना प्रभारी सुनीता विंदुआ को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि इस अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में किसी गंभीर घटना के लिए प्रशासन और दोषी व्यक्ति जिम्मेदार होंगे।ज्ञापन देने वालों में धर्मेंद्र, तिजिया, रतिराम, प्रमोद, दयाल,राजाराम, प्रेमलाल, रामू, भानु अहिरवार, भागचंद समेत दो दर्जन ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रशासन का आश्वासन
इस संबंध में तहसीलदार भरत पांडे ने कहा कि थाना प्रभारी से चर्चा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना प्रभारी सुनीता विंदुआ ने भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस अवैध गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।










